UP News: इस जिले में प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले जान लें ये अहम बात, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान!
UP News: मेरठ जिले में जमीन खरीदने और बेचने की सोच रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। जिला प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग संपत्तियों के बढ़ते दामों को देखते हुए सर्किल रेट में बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। तीन साल बाद इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया है, जिसमें सभी सब-रजिस्ट्रार से नए सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, शहर और उसके आसपास के इलाकों में नई विकास परियोजनाओं की वजह से प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने 20 से 30 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अप्रैल के पहले सप्ताह में जनता से इन दरों पर सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मेरठ में पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ है। रैपिड रेल कॉरिडोर, नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और पुरानी सड़कों का चौड़ीकरण जैसे कार्यों ने संपत्तियों की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। सरकारी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण हुआ, जिससे बाजार में असंतुलन पैदा हुआ।
2016 के बाद से सर्किल रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था। 2022 में मामूली बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं मानी गई। किसान संगठन और प्रॉपर्टी कारोबारियों की ओर से लगातार मांग उठ रही थी कि बाजार मूल्य के अनुरूप रेट अपडेट किए जाएं। अब प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठाने का फैसला किया है।
मुख्य सचिव के आदेश के बाद बढ़ी हलचल
हाल ही में प्रदेश के मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि उन जिलों में सर्किल रेट में संशोधन किया जाए, जहां वर्षों से कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसी के तहत मेरठ में भी जिला प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग सक्रिय हो गया है। एडीएम वित्त और एआईजी निबंधन ने जिले के सभी छह सब-रजिस्ट्रार को नए सर्किल रेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के प्रमुख बाज़ारों, कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संपत्तियों के रेट का विश्लेषण कर नए सिरे से दरें तय की जा रही हैं। जब प्रस्ताव तैयार हो जाएंगे, तो इन्हें सार्वजनिक कर जनता से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे।
अप्रैल के अंत तक लागू हो सकते हैं नए रेट
जिला प्रशासन की योजना के मुताबिक, प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर जनता से राय ली जाएगी। यदि किसी क्षेत्र के लोगों को नए रेट अधिक लगते हैं, तो वे अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों द्वारा इन आपत्तियों की समीक्षा करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। उम्मीद है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में यह प्रक्रिया शुरू होगी और महीने के अंत तक नई दरें लागू कर दी जाएंगी।
मेरठ जिले में स्टांप और निबंधन शुल्क के रूप में पिछले साल 1225 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 900 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हो चुकी थी। इस बार का लक्ष्य इससे भी अधिक है।
यदि सर्किल रेट में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो स्टांप शुल्क की वसूली भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगी। इससे सरकार के खजाने में करोड़ों रुपये की बढ़ोतरी होगी और विकास कार्यों के लिए अधिक बजट उपलब्ध हो सकेगा।












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