UP News: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का बड़ा ऐलान, अब किसानों को नहीं होगी खाद और पानी की किल्लत!
UP News: उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन की आहट के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों को उर्वरक और सिंचाई की सुविधा समय से और बिना किसी अड़चन के उपलब्ध कराई जाए। किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए समितियों के जरिए खाद वितरण की व्यवस्था भी सुदृढ़ की जा रही है।
कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि इफको और प्राइवेट कंपनियों द्वारा आपूर्ति किए जा रहे उर्वरकों का 50% हिस्सा समितियों के माध्यम से ही वितरित किया जाएगा। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि किसानों को समय पर खाद मिल सकेगा। मंत्री ने अफसरों से यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मोबाइल से लगातार निगरानी की जाए।

मंत्री शाही ने विशेष रूप से अधिकारियों को हिदायत दी कि किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मृदा परीक्षण के बाद ही उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज़्यादा उर्वरक खेत में डालने से लागत तो बढ़ती ही है, मिट्टी की सेहत और पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है।
खाद वितरण पर कड़ी निगरानी
बैठक में बताया गया कि इस बार वाराणसी मंडल में बीते साल की तुलना में ज्यादा मात्रा में यूरिया की खपत दर्ज की गई है। जौनपुर में 3452 मैट्रिक टन, गाजीपुर में 2171, वाराणसी में 2004 और चंदौली में 1789 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यूरिया का उपयोग तय मानकों के अनुरूप ही हो, और किसानों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए।
कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी और अवैध प्रयोग पर सख्त कार्रवाई की जाए। टेक्निकल ग्रेड यूरिया की जगह अगर किसी ने सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग किया, तो उस पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंडल और जनपद स्तर पर नियमित निरीक्षण की योजना बनाई गई है।
नहरों और नलकूपों पर रहेगा फोकस
बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश मिले कि टेल एरिया यानी अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाए। नहरों और नलकूपों की स्थिति की समीक्षा करते हुए खराब सिस्टम को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी किसान सिंचाई से वंचित न रह जाए।
रबी फसल की तैयारियों के तहत उर्वरकों का अग्रिम भंडारण (प्री-पोजिशनिंग) करने का आदेश भी दिया गया है। मंडल में बफर स्टॉक तैयार करने की योजना पर काम चल रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में खाद की कमी न हो। खाद रैक को समय पर खाली कराने के लिए रेलवे से तालमेल बढ़ाया गया है।
समयबद्ध सप्लाई और निगरानी तंत्र होगा मजबूत
बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों को यह निर्देश भी मिले कि समितियों पर खाद का स्टॉक खत्म होने से पहले ही नई खेप भेज दी जाए। किसान जब समिति पहुंचे, तो उसे POS मशीन से पारदर्शी तरीके से उसकी ज़रूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाए।
मंत्री ने कहा कि समितियों के जरिए वितरण प्रक्रिया से किसानों में विश्वास बढ़ेगा और कालाबाजारी की संभावना भी घटेगी। मंडलायुक्त से मोबाइल पर चर्चा के दौरान मंत्री ने आग्रह किया कि संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक लेकर ज़मीनी स्थिति का तत्काल आकलन किया जाए।












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