Terracotta Statue: दिवाली और छठ पर्व पर बढ़ी टेराकोटा मूर्तियों की डिमांड, इन प्रांतों से मिल रहे ऑर्डर
Terracotta Statue News Gorakhpur Uttar Pradesh: दिवाली और छठ पर्व बिल्कुल नजदीक है। लोग अपने घरों के लिए खरीददारी कर रहे है। हाथ से बनी मिट्टी की मूर्तियां लोगों को बेहद पसंद आ रही है। गोरखपुर के औरंगाबाद में पिछले कई दशकों से तैयार हो रहीं खास मूर्तियां 'टेराकोटा' के नाम से आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुकी है। देश के कई राज्यों में इसकी खासा डिमांड त्यौहारों पर बढ़ गई है। वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने गोरखपुर के औरंगाबाद के रहने वाले कुछ शिल्पकारों से खास बातचीत की।
कई दशकों से कर रहे यह काम
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खूबलाल प्रजापति कहते हैं कि हम पिछले कई दशकों से टेराकोटा की मूर्तियां बनाने का काम करते आ रहे हैं। मेरे पिता जी और बाबा भी यह काम करते थे।

पहले और अब में बहुत अंतर है
खूबलाल कहते हैं कि पहले इसे बहुत लोग नहीं जानते थे। पिछले दस सालों में इसकी ज्यादा मांग हुई है। खासकर जब से यह एक जिला एक उत्पाद में शामिल हुआ है इसे और बढ़ावा मिला।
सीएम योगी ने की खास पहल
खूबलाल कहते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इसे खास बढ़ावा दिया। उन्होंने कई योजनाएं इसके लिए लाई जिससे हम सभी का काम और आसान हो गया और इसमें तीव्र वृद्धि हुई।
इन प्रांतों में बढ़ी डिमांड
खूबलाल प्रजापति कहते हैं कि पहले इसका यह एक सीमित दायरे में ही खरीदा जाता था लेकिन आज इसका व्यापक बाजार है। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में इसकी डिमांड हो रहीं है। जीवलाल प्रजापति कहते हैं कि दिवाली पर इसकी मांग बढ़ गई है। मेरे पास मद्रास, बंगलौर, हैदराबाद सहित कई जगह से ऑर्डर मिल चुके है।
करोड़ों का है कारोबार
खूबलाल और जीवलाल कहते है कि आज टेराकोटा ने हमे आर्थिक रूप से काफी मजबूत किया है। इसका सलाना करोड़ों का कारोबार हो जाता है।
कई लोगों को मिला रोजगार
खूबलाल के मुताबिक, इस काम में उनके पूरे परिवार के लोग तो साथ देते हैं कई लोग बाहरी भी जुड़े हुए है। पूरे औरंगाबाद की बात करे तो कई सौ लोग इस कारोबार से जुड़े है।












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