UP News: "ये सपा का बयान है या कोई पाकिस्तानी प्रवक्ता का समझना मुश्किल", CM योगी ने किया पलटवार
UP News: सपा नेता अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वो माफियाओं से जकड़े हुए थे, उनकी सोच जातिवादी थी और कार्य परिवारवादी था। आइए जानते है पूरा मामला क्या है...
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक मीडिया चैनल पर बातचीत करते हुए पिछली सपा शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार का एजेंडा संकीर्ण था। उनके एजेंडे एक सीमित दायरे में थे। वो माफियाओं से जकड़े हुए थे। उनकी सोट जातिवादी थी और कार्य कार्य परिवारवादी था। वो परिवार से बाहर सोच ही नहीं सकते थे। इसके वजह से संकट प्रदेशवासियों के सामने था। लेकिन आज हम इस सब चीजों से उबर कर आगे बढ़ चुके हैं।

यूपी आज दूसरी सबसे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है: CM योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में यूपी सातवीं अर्थव्यवस्था थी आज वह दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2029 तक नंबर एक बनने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार सबके घर तक पहुंची। ये नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने बीमारियां दी, चीनी मिलों को बंद करके बेरोजगारी दी, पिछली सरकारों ने यहां पर दंगे करवाएं। उनलोगों की सोच ही ऐसी थी। उन्होंने कहा कि सपा के लोग जाति की बात करते हैं और जब सत्ता में रहते हैं तो सिर्फ अपने परिवार के बारे में ही सोचते हैं। उनका सोच वहीं तक सीमित रह जाता है।
ये सपा का बयान है या कोई पाकिस्तानी प्रवक्ता का समझना मुश्किल: CM योगी आदित्यनाथ
उन्होंने कहा कि जब 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था तो समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयान किस-किस प्रकार के आते हैं। इनके बयान को सुनकर ये पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि ये बयान समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दे रहे हैं या कोई पाकिस्तानी प्रवक्ता दे रहा है। ये पता लगाने में कठिनाई हो जाता है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्व. शुभम द्विवेदी की निर्मम हत्या कर दी गई, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष से पत्रकारों ने पूछा कि आप क्यों नहीं गए तो उन्होंने कहा कि वो हमारी पार्टी का थोड़े था। ये बयान काफी शर्मनाक है। पूरा देश पार्टी लाइन से उपर उठकर बयान दे रहा है जबकि समाजवादी पार्टी के लोग ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण बयान दे रहे हैं।
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
सपा नेता अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- पूछता है पहलगाम का पर्यटक:
- - ख़तरों के बीच मेरी रक्षा करनेवाला कोई वहाँ क्यों नहीं था?
- - कुछ ऐसे लोगों को सरकार की ओर से चारों तरफ़ से चाक-चौबंद सुरक्षा घेरा क्यों दिया जाता है जो बाद में ठग साबित होते हैं?
- - कोई भी कुछ बनकर इतने संवेदनशील इलाक़े में सुरक्षा कैसे पा सकता है क्या पहले कोई जाँच-पड़ताल नहीं होती है?
आगे उन्होंने लिखा 'जश्नजीवी भाजपाई जब यहाँ विवादित निजी कार्यक्रम आयोजित करते हैं तो लगभग 250 वीवीआईपी के लिए हज़ारों सुरक्षाकर्मियों के कई घेरे बना दिये जाते हैं, वो भी उनके निजी कार्यक्रम में जिनका काम किसी और के शब्दों को स्वर देना है। जिनका स्वयं कोई अस्तित्व नहीं है, जो न्यायलय तक की अवमानना करते हैं, ऐसे लोगों को सुरक्षा किस आधार पर मिलती है और पर्यटकों को क्यों नहीं? ये अति गंभीर प्रश्न हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है, उन पर दबाव डालकर बयान भले बदलवा दिये जाएं लेकिन भाजपाई याद रखें 'बयान बदलवाने से सच नहीं बदल जाता है'।












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