UP News: उत्तर प्रदेश सरकार का अग्निवीरों पर अहम फैसला, कैबिनेट ने इन 10 प्रस्तावों पर लगाई मुहर
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई है। इसमें कैबिनेट ने 10 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला भी लिया गया है। इसके तहत, धार्मिक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों के ठहरने और रुकने के लिए भी समाधान नीति तैयार की गई है। कैबिनेट के सामने कुल 11 प्रस्ताव रखे गए थे, जिसमें से 10 को मंजूरी मिली है। इसके अलावा, आम लोगों तक राशन पहुंचाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए दुकानों/अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की भी अनुमति दी गई है।
UP News: पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20 फीसदी आरक्षण
अब तक राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी, पीएसी, आरक्षी घुडसवार और फायरमैन की सीधी भर्ती में पूर्व अग्रिवीरों को (4 साल की सेवा के पश्चात) 20 प्रतिशत पदों पर आरक्षण की मंजूरी दे दी है। इसके तहत अग्निवीर के रूप में की गयी सेवा अवधि को घटाते हुए अधिकतम आयु सीमा में भी 3 वर्ष की छूट भी दी गई है।

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दुकानों और अन्नपूर्णा भवनों के लिए अहम फैसला
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने और राशन कार्ड धारकों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है। उचित दरों पर दुकान और अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण में तेजी लाने के लिए राजकोषीय बचत में से कुछ राशि का इस्तेमाल किया जाएगा। अब मनरेगा के अतिरिक्त राज्य वित्त आयोग, सांसद निधि, विधायक निधि, पूर्वांचल विकास निधि, बुन्देलखण्ड विकास निधि या अन्य किसी राज्य या केन्द्र सरकार की योजनाओं के तहत भी अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसला
वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश के जीवंत और विविधता भरी संस्कृति को देखने आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को रुकने के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। बीएंडबी और होमस्टे नीति-2025 के अनुसार, धार्मिक और पर्यटन स्थलों में कोई भी व्यक्ति अपने 1 से 6 कमरों तक के भवन को होमस्टे के तौर पर रजिस्टर कर सकता है। इसके तहत, अधिकतम 12 बेड की अनुमति होगी और पर्यटक 7 दिनों तक यहां रुक सकते हैं। इसके बाद रिन्यूअल कराना होगा। वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि होमस्टे संचालकों को केंद्र सरकार के निधि प्लस पोर्टल पर पंजीकरण कराना पड़ता था। अब राज्य सरकार की ईकाई के पास भी पंजीकरण करा सकते हैं।
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