UP Nagar Nikay Chunav 2023: कौन हैं डॉ पल्लवी पटेल? यूपी चुनाव में केशव प्रसाद मौर्या को हराया था
UP Nagar Nikay Chunav 2023: यूपी में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में हो रहा है,पहली वोटिंग चार मई को और दूसरी वोटिंग 11 मई को होगी जबकि चुनावी नतीजे 13 मई को आएंगे।

Dr Pallavi Patel Profile: यूपी नगर निकाय चुनाव को लेकर सभी पार्टियों की माथापच्ची जारी है। इसी बीच जो पार्टियां गठबंधन में हैं वहां से मन मुटाव की खबरें आ रही हैं। कार्यकर्ताओं की वजह से पार्टी अपने-अपने उम्मीदवार को मैदान में उतारने को विवश हैं तो वहीं इसी बीच खबर है कि सपा विधायक और अपना दल कमेरावादी की नेता डॉ.पल्लवी पटेल भी सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से नाराज हो गई हैं क्योंकि सपा की ओर से उनकी पार्टी को टिकट नहीं दिया गया है।
कार्यकर्ताओं को रोका नहीं जा सकता
हालांकि मीडिया से मुखातिब होने पर उन्होंने साफ तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन ये जरूर बोला कि 'कार्यकर्ताओं को रोका नहीं जा सकता है।' फिलहाल इस वक्त डॉ पल्लवी पटेल यूपी की सियासी गलियारों में सुर्खियों में छाई हुई हैं।आपको बता दें कि अपना दल (कमेरावादी ) की नेता डॉ पल्लवी पटेल अपने बेबाक अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं।
चलिए एक बार नजर डालते हैं उनके अब तक के सियासी सफर पर...
मालूम हो कि यूपी की राजनीति में अपना दल पार्टी के दो दल है। एक केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) है जो कि बीजेपी गठबंधन के साथ है तो वहीं दूसरी कृष्णा पटेल की अगुवाई वाली अपना दल (कमेरावादी) है, जिसने यूपी विधानसभा 2022
का चुनाव सपा से साथ लड़ा था।
पल्लवी और अनुप्रिया की मां हैं अनुप्रिया पटेल
कृष्णा पटेल पल्लवी और अनुप्रिया की मां हैं। अनुप्रिया पटेल और पल्लवी पटेल एक-दूसरे की विरोधी हैं। दोनों ही बहनें काफी मुखर कही जाती हैं। यूं तो विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बंपर जीत हासिल की थी लेकिन डॉ पल्लवी पटेल ने बीजेपी के दिग्गज नेता और यूपी के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य को सिराथु सीट से पराजित कर दिया था।
पल्लवी की ससुराल कौशांबी है
मालूम हो कि पल्लवी के पति कौशांबी से हैं यानी कि ये उनकी ससुराल है और यहीं से सिराथु सीट आती है। केशव प्रसाद का इस सीट से हारना एक बड़ा झटका था, वो यहां पर साल 2012 में भारी मतों से जीते थे ऐसे में उनका अपना दल (कमेरावादी) की उपाध्यक्ष से हारना बड़ी खबर थी लेकिन ये करिश्मा किया था पल्लवी पटेल ने।
एक लाख से ज्यादा दलित वोटर्स
मालूम हो कि सिराथू में एक लाख से ज्यादा दलित वोटर्स हैं, जिसमें से साठ प्रतिशत पासी समुदाय के लोग हैं, जो भाजपा के विश्ननीय वोटर्स कहे जाते थे लेकिन यूपी के चुनाव में जब पल्लवी की एंट्री हुई तो ये वोटर्स आपस में बंट गए और डॉ पटेल की यहां जबरदस्त जीत हुई थी।
सोनेलाल पटेल की बेटी हैं पल्लवी पटेल
गौरतलब है कि पल्लवी पटेल के पिता सोनेलाल पटेल यूपी के कद्दावर नेता कहे जाते थे। वो बसपा सुप्रीमो मायावती के काफी करीबी माने जाते थे। उन्होंने अपना दल पार्टी बनाई थी। साल 2009 में सोनेलाल के निधन के बाद उनकी पत्नी कृष्णा पटेल ने पार्टी की कमान संभाली।
बहन अनुप्रिया पटेल ने की बगावत
लेकिन साल 2014 में मिर्जापुर सीट जीतने के बाद अनुप्रिया पटेल ने पार्टी के स्वामित्व वाले मुद्दे पर बगावत कर दी, जिसके बाद उनको और उनके पति को पार्टी से निकाल दिया गया था और इसके बाद अनुप्रिया ने अपने पति और समर्थकों के साथ मिलकर साल 2016 में अपना दल (एस) बनाली।
क्या कहा अपना दल (कमेरावादी) पार्टी ने
भले ही डॉ पल्लवी पटेल ने सपा से खटपट के मामले में साफ-साफ कुछ नहीं कहा है लेकिन अपना दल कमेरावादी के प्रदेश सचिव गगन प्रकाश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'विधानसभा चुनाव के वक्त दोनों पार्टी के बीच गठबंधन हुआ था लेकिन हमारी पार्टी का विलय थोड़े ही हुआ था, हम निकाय चुनाव अकेले लड़ रहे हैं फिलहाल अपना दल (कमेरावादी) का ये कदम उनके लिए कितना सही साबित होगा ये तो चुनावी परिणाम तय करेंगे लेकिन जानकारों का कहना है उनके इस कदम से सपा पार्टी को नुकसान जरूर होगा।












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