UP Crime News: संभल में BJP नेता गुलफाम सिंह यादव की रहस्यमयी हत्या, कभी दी थी मुलायम सिंह को टक्कर!
UP Crime News: उत्तर प्रदेश के संभल (Sambhal News) जिले में भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की 10 मार्च 2025 को तीन अज्ञात हमलावरों ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या कर दी। ये हमलावर मोटरसाइकिल से आए थे और खेत में बैठे नेता से बातचीत करने के बहाने उनके पास पहुंचे। फिर मौका देखकर उनके पेट में जहर का इंजेक्शन लगा दिया और फरार हो गए।
60 वर्षीय गुलफाम सिंह यादव (Gulfam Singh Yadav Murder) अपने खेत में बैठे थे, तभी तीन अज्ञात लोग मोटरसाइकिल से आए। उन्होंने नेता से हालचाल पूछा, पानी मांगा और कुछ देर बातचीत की। जैसे ही यादव पानी लेकर लेटने लगे, एक हमलावर ने उनके पेट में जहरीला इंजेक्शन लगा दिया।

जहर का असर होते ही भाजपा नेता की हालत बिगड़ने लगी और वे दर्द से तड़पने लगे। आस-पास के लोग और परिवार वाले मौके पर पहुंचे और उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
मेडिकल जांच के बाद भी यादव की मौत का सही कारण स्पष्ट नहीं हो सका। अधिकारियों ने उनके शरीर के अहम अंगों (विसरा) को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने एक खाली इंजेक्शन और एक हेलमेट बरामद किया है।
पुलिस कर रही जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एएसपी अनुकृति शर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों का सुराग मिल सके। अभी तक परिवार ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Who Was Gulfam Singh Yadav: कौन थे गुलफाम सिंह यादव?
2004 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को चुनौती दी थी। भाजपा में विभिन्न पदों पर रह चुके थे और पार्टी के सक्रिय नेता थे। उनकी पत्नी तीसरी बार दभौरा हिमाचल से प्रधान चुनी गई थीं।
हत्या के बाद भाजपा और आरएसएस नेताओं की बैठक
यादव की मौत के बाद सोमवार देर रात भाजपा और आरएसएस के कई नेता अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस हत्याकांड से इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई है।
भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की हत्या एक रहस्यमयी घटना बन गई है। जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या करने का तरीका शक पैदा करता है। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है, लेकिन सवाल यह है कि यह हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी थी या कोई राजनीतिक साजिश? आने वाले दिनों में जांच से यह साफ हो सकता है।












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