UP Congress: 2024 से पहले क्यों ख़तरे में पड़ी कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल ख़ाबरी की कुर्सी ?
UPCC president Brijlal Khabri की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। वह दो दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। अपने उपर लगे आरोपों की सफाई देने वह आलाकमान के पास पहुंचे हुए हैं।

UPCC President Brijlal Khabri: उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए निकाय चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने बड़े बड़े दावे किए थे लके न अब उनकी ही कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। कांग्रेस सूत्रों की माने तो यूपीसीसी अध्यक्ष खाबरी ने झांसी और जौनपुर जिलों में कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्तियों को AICC के वेणुगोपाल ने कर दिया है। इसके बाद से ही ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि खाबरी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
आरोपों पर सफाई देने दिल्ली पहुंचे खाबरी
असंवैधानिक तरीके से बनाए गए कार्यकारी अध्यक्षों की वजह से अब खाबरी के पार्टी में बने रहने पर सवाल उठ रहे हैं। खाबरी पर निकाय चुनावों के लिए पार्टी के टिकटों के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असमर्थ रहने पर उनकी कुर्सी जा सकती है। हालांकि, UPCC के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि खाबरी एक दलित नेता हैं और उन्हें बदलने के किसी भी फैसले का पार्टी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
खतरे में खाबरी की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी
हालांकि बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व खाबरी के भाग्य का फैसला करने से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी से परामर्श करेगा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बृजलाल खबरी द्वारा झांसी और जौनपुर जिलों में की गई दो कार्यकारी अध्यक्षों की अनधिकृत नियुक्तियों ने राज्य में कांग्रेस हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
केसी वेणुगोपाल ने खाबरी को भेजा था पत्र
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है क्योंकि खाबरी ने उचित संगठनात्मक प्रक्रिया का पालन नहीं किया। यह कदम पार्टी हलकों में चर्चा का विषय है, जिसमें कई लोग यूपीसीसी अध्यक्ष के रूप में उनके बने रहने पर सवाल उठा रहे हैं।
कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति को रद्द किया
सूत्रों के मुताबिक वेणुगोपाल ने कहा है कि, "मुझे पता चला है कि आपने झांसी और जौनपुर जिलों में उचित संगठनात्मक प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। आप जानते हैं कि ऐसी नियुक्तियों के लिए एआईसीसी अध्यक्ष की मंजूरी जरूरी है। इसलिए कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है।''
वेणुगोपाल के इस कदम के बाद दिल्ली दरबार में खाबरी
वेणुगोपाल के इस कदम के बाद ही खाबरी पार्टी आलाकमान से मिलने और अपनी सफाई देने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि खाबरी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी और उनके एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने की संभावना है। क्या पार्टी नेतृत्व उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा या खाबरी को जारी रखने का एक और मौका देगा, यह बड़ा सवाल कांग्रेस के भीतर हलचल मचा रहा है।
निकाय चुनाव में टिकट वितरण में अनियमितता का आरोप
इसके साथ ही खाबरी पर शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में पार्टी के टिकटों के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप भी लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की माने तो अपने ऊपर लगे आरोपों का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर खबरी को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ सकती है। हालांकि खाबरी से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने की थी आलाकमान से शिकायत
पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अजय कपूर ने हाल ही में 2023 के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी टिकटों के वितरण में यूपीसीसी के हस्तक्षेप की ओर उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए खड़गे से मुलाकात की थी। कपूर ने कहा कि, 'हां, मैं खड़गे जी से मिला था और टिकट वितरण का मामला उनके ध्यान में लाया। शहरी स्थानीय निकायों में विभिन्न पदों पर कांग्रेस के टिकट स्थानीय इकाइयों द्वारा बांटे जाते हैं। इस बार यूपीसीसी ने टिकट बांटने का फैसला किया और इससे चुनाव में पार्टी की संभावनाएं प्रभावित हुईं।'












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