UP कांग्रेस को नहीं मिला नया BOSS, जानिए अब UPCC ने क्यों लिया ये बड़ा फ़ैसला
लखनऊ, 20 सितंबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद अब तक कांग्रेस को नया बॉस नहीं मिला है। एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर निकलें हैं वहीं दूसरी ओर यूपी में कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पास कर सभी पदों पर चुनाव के लिए कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को अधिकृत किया है। कांग्रेस के सूत्रों की माने तो भारत जोड़ो यात्रा में यूपी की कमी महसूस की जा रही है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस आलाकमान ने हाल ही में सभी राज्य इकाइयों से इस तरह के प्रस्ताव पारित करने को कहा था जिसके बाद ये फैसला लिया गया है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी के सभी पदों पर चुनाव के संबंध में निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) मुख्यालय में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधियों के सम्मेलन में इस संबंध में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि, "हां, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सभी निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।"
यूपी कांग्रेस कमेटी ने पारित किया प्रस्ताव
यूपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री, कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना', पार्टी विधायक वीरेंद्र चौधरी, पूर्व सीएलपी नेता प्रदीप माथुर, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और पूर्व सांसद ब्रजलाल खबरी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। अधिवेशन की अध्यक्षता पार्टी के सहायक चुनाव अधिकारी रामेश्वर डूडी ने की। कांग्रेस आलाकमान ने हाल ही में सभी राज्य इकाइयों से इस तरह के प्रस्ताव पारित करने को कहा था।
पांच महीने बाद भी नहीं मिला अध्यक्ष
विधानसभा का चुनाव सम्पन्न हुए पांच महीने बीत चुके हैं। चुनाव में मिली करारी हार के बाद ही तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उस इस्तीफे के बाद ऐसी अटकलें थी कि अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) को नया बॉस मिल जाएगा लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी नया अध्यक्ष नहीं मिल पाया है।
अध्यक्ष की कुर्सी से दूर भाग रहे नेता
कांग्रेस की सूत्रों की माने तो पार्टी की हालत को देखते हुए यूपी के नेता अध्यक्ष की कुर्सी संभालने से किनारा कर रहे हैं जिससे Uttar Pradesh प्रभारी प्रियंका गांधी की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। यूपी कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता उम्मीद कर रहे थे कि पार्टी नेतृत्व 13-15 मई के दौरान उदयपुर में आयोजित "कांग्रेस चिंतन शिविर" से पहले एक नया राज्य प्रमुख नियुक्त कर देगा ताकि यूपी में पार्टी को नई शुरूआत हो सके।
लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। इसके बाद नेताओं को उम्मीद थी कि प्रियंका अपनी लखनऊ यात्रा के दौरान नए प्रमुख की घोषणा करेंगी, लेकिन वो भी नहीं हुआ। चार महीने बाद भी अध्यक्ष के न आने से कांग्रेस नेताओं में निराशा फैलती जा रही है।












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