7 हजार बस, 1.5 लाख शौचालय..., सीएम योगी ने की प्रयागराज महाकुंभ को लेकर समीक्षा बैठक
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 की तैयारियों से जुड़े विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम योगी ने महाकुंभ को स्वच्छता, सुविधा और सुरक्षा का मानक बनाने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि यह न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत की ग्लोबल ब्राण्डिंग का माध्यम बनेगा।
महाकुंभ 2025 को सफल बनाने के लिए हमें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना होगा। बैठक में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2019 में कुंभ का सफल आयोजन कर यूपी में मानक स्थापित किया है। इस बार लोगों की अपेक्षाएं हमसे और अधिक हैं। सीएम ने कहा कि 13 जनवरी, 2025 से 26 फरवरी, 2025 तक महाकुंभ मेला प्रस्तावित है।

साल 2019 में महाकुंभ 3,200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मेला फैला था, लेकिन इस बार 4,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में इसका विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में पार्किंग, पाण्टून पुलों की संख्या, घाटों की संख्या, स्ट्रीट लाइट, शौचालय आदि की संख्या को आवश्यकतानुसार और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में 07 रिवर फ्रण्ट रोड, 14 आरओबी और 07 पुराने घाटों के सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान सतत जारी रखा जाए। सड़कों का चौड़ीकरण, सौन्दर्यीकरण का कार्य समय से पूरा कराया जाए। रोड साइड फसाड डेवलपमेण्ट का कार्य सितंबर तक पूरा करा लिया जाए।
कहा कि महाकुंभ में परिवहन विभाग द्वारा 7,000 से अधिक बसों की व्यवस्था कराई जाए। नगर विकास विभाग द्वारा अधिकाधिक ईवी शटल बसों की उपलब्धता कराई जाए। एयरपोर्ट के नवीन टर्मिनल का निर्माण कार्य अक्टूबर तक पूरा करा लिया जाए। व्यवस्था ऐसी हो, जिससे एयरपोर्ट से मेला क्षेत्र तक पहुंचने में 30 से 40 मिनट से अधिक समय न लगे।
सीएम ने कहा कि महाकुंभ-2025 प्रतिबन्धित पॉलिथीन मुक्त हो, इसके लिए संकल्पित होकर जनसहयोग के साथ कार्य करना होगा। प्रयागराज का हर एक वॉर्ड-हर एक मोहल्ला स्वच्छ हो, इसके लिए मोहल्ला स्वच्छता समितियां गठित कराएं। 'ग्रीन प्रयागराज-ग्रीन महाकुम्भ' का लक्ष्य लेकर कार्य किया जाना चाहिए।
कहा कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सम्भावित आगमन के दृष्टिगत मेला क्षेत्र में 1,50,000 शौचालयों की व्यवस्था की जानी चाहिए। इनकी नियमित सफाई के लिए 10,000 से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। कर्मचारियों के मानदेय का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित होना चाहिए। मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए पर्याप्त कर्मचारी तैनात होने चाहिए।
बैठक में सीएम ने कहा कि बिजनौर से बलिया तक के पूरे प्रवाह क्षेत्र में गंगा जी में कहीं भी गंदगी न हो। एक भी नाला/सीवेज गंगा जी में न गिरे। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ-साथ सभी संबंधित जनपदों में गंगा स्वच्छ समिति एक्टिव करें। गांवों से कूड़ा नदी में न डाला जाए। ड्रेनेज गंगा में न गिरें। मृत जानवरों का जल प्रवाह न किया जाए।
कहा कि महाकुंभ में आने वाले हर श्रद्धालु/पर्यटक के साथ पुलिसकर्मियों का व्यवहार मधुर और मर्यादित हो। इसके लिए फोर्स की तैनाती से पहले उनकी काउंसिलिंग की जानी चाहिए। पुलिस को 24×7 एक्टिव रहना होगा। मेले के दौरान भीड़ प्रबन्धन एक महत्वपूर्ण विषय है। इसकी बेहतर कार्ययोजना तैयार करें।
भीड़ की निगरानी, भीड़ घनत्व का विश्लेषण, घटना की रिपोर्टिंग, कॉल सेंटर, खोया-पाया केन्द्र, फायर सेफ्टी, सीसीटीवी कैमरे, जल पुलिस की तैनाती आदि की समुचित व्यवस्था की जाए। जहां अतिरिक्त मैनपावर की आवश्यकता हो, प्रबन्धन करें। सुरक्षा के सभी मानकों पर पुख्ता प्रबन्ध होने चाहिए।












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