यूपी में आसान हुआ पैतृक संपत्ति का बंटवारा, अब मात्र 5 हजार रुपए में सुलझ जाएंगे विवाद
UP News: पैतृक संपत्ति बंटवारे की रजिस्ट्री के लिए अब ज्यादा भागदौड़ नहीं करना पड़ेगी। जी हां..सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति को अपने परिजनों के नाम किए जाने पर स्टाम्प शुल्क पांच हजार रुपए निर्धारित किया है।
योगी सरकार के इस फैसले के बाद पैतृक संपत्ति को लेकर सालों से चला आ रहा विवाद भी अब सुलझ पाएंगे। इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ मंगलवार 06 अगस्त को बैठक भी की थी।

इस बैठक में सीएम योगी ने कहा कि एक ही परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के बंटवारे तथा जीवित व्यक्ति द्वारा अपनी संपत्ति को अपने परिजनों के नाम किए जाने पर देय स्टाम्प शुल्क 5,000 निर्धारित किया जाए।
इतना ही नहीं, न्यूनतम स्टाम्प शुल्क होने से परिवार के बीच आपसी सेटलमेंट आसानी से हो सकेगा। खबर के मुताबिक, इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही ये सुविधा लोगों को मिलेगी।
इसके साथ यूपी ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। आपको बता दें कि यह कटौती रक्त संबंधियों के बीच अचल संपत्ति की बिक्री पर भी लागू होती है।
कैसे होगा लोगों को इसका फायदा?
योगी सरकार के इस फैसले के बाद लोगों के जेहन में यह सवाल खड़ा हो गया है कि इस सुविधा का उन्हें फायदा क्या होगा? दरअसल, अगर संपत्ति की कीमत एक करोड़ रुपए है तो उस पर 7 फीसदी स्टांप शुल्क यानी 7 लाख रुपये देना होता है।
लेकिन, सरकार के इस फैसले के बाद पैतृक संपत्ति के बंटवारे में 30 फीसदी की छूट मिल गई। यानी, अब एक करोड़ रुपए की संपत्ति पर 4 लाख 90 हजार रुपए स्टांप शुल्क देना होगा।
लाखों परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, प्रदेश में संपत्ति विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।












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