UP BJP Update: भाजपा को सता रहा 26 लोकसभा सीटें हारने का डर ? जानिए इसके पीछे की वजहें

UP BJP Update: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) 2024 के आम चुनाव को लेकर अभी से तैयार हो गई है। बीजेपी 2022 के चुनाव में हारी हुई सीटों पर बूथों को मजबूत करने का काम शुरू करेगी।

भूपेंद्र चौधरी

UP BJP Update: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) 2024 में होने वाले आम चुनाव को ध्यान में रखकर रणनीति बना रही है। हाल में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष के दो दिवसीय दौरे के दौरान हुई बैठकों में इस बात पर भी मंथन किया गया कि क्या पिछले साल हुए यूपी विधानसभा चुनाव में 130 विधानसभा सीटों पर मिली हार का 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर पड़ेगा?

बीजेपी सूत्रों की माने तो हालांकि लोकसभा चुनावों का ट्रेंट बिलकुल अलग होता है, फिर भी बीजेपी थिंक टैंक 2022 के यूपी चुनावों में हुए नुकसान और अगले संसदीय चुनाव में इसके प्रदर्शन पर संभावित प्रभाव को लेकर मंथन करने में जुटा हुआ है।

बीजेपी को सता रहा 26 लोकसभा सीटों पर हार का डर

बीजेपी के एक पदाधिकारी ने बताया कि यूपी में 403 विधानसभा सीटें और 80 लोकसभा सीटें हैं। समान्य तौर पर यह मान लिया जाए कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगियों की 130 विधानसभा सीटों पर हार हुई थी। इस लिहाज से बीजेपी को 26 लोकसभा सीटों पर नुकसान होगा। बीजेपी को यह नुकसान 2019 की खोई हुई सीटों से 12 अधिक है। यानी बीजेपी अंदरखाने खुद यह मानकर चल रही है कि उसे इस हद तक नुकसान हो सकता है।

पिछले चुनावों से बेहतर रहा था बीजेपी का प्रदर्शन

सूत्रों की माने तो पिछले चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर ने बीजेपी और उसके सहयोगियों को 2014 में यूपी से 73 संसदीय सीटें जीतने में मदद की और फिर 2019 के आम चुनावों में 64 सीटें जीतीं। 2019 में सपा ने बसपा के साथ गठबंधन किया था। 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने विपक्ष को पूरी तरह से हरा दिया और 325 विधानसभा सीटों (बीजेपी: 312, एडी: 9 और एसबीएसपी: 4) जीत लीं थी।

2022 में हारी हुई विधानसभा सीटों पर फोकस

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    राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो इस बार हालांकि स्थिति थोड़ी बदली हो सकती है, क्योंकि विपक्ष के एकजुट होने की संकेत कई बार मिले हैं। गृह मंत्री और पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार अमित शाह, जो जनवरी के मध्य में यूपी का दौरा करने वाले हैं, भी 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन सहित सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।

    काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर एस के पांडेय ने कहा कि,

    2022 के विधानसभा चुनावों में विपक्ष के मजबूत होने की वजह से आंशिक रूप से भाजपा के लिए यह चिंता का कारण हो सकता है। यह भाजपा के उन विधानसभा क्षेत्रों पर अपनी पकड़ ढीली करने के रूप में प्रतिबिंबित हो सकता है जो एक या अन्य लोकसभा सीट का हिस्सा होते हैं। हाल के उपचुनावों के दौरान मुजफ्फरनगर में सपा समर्थित रालोद से भाजपा की खतौली विधानसभा सीट हारना एक "गंभीर" संकेत हो सकता है। इसको लेकर बीजेपी की चिंता बढ़ गई है। इससे पता चलता है कि न केवल एक पार्टी की छवि, बल्कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि का प्रदर्शन भी मायने रखता है।

    हारी हुई विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करेगी बीजेपी

    भाजपा सूत्रों ने पुष्टि की कि पार्टी अपने संगठनात्मक नेटवर्क का विस्तार करके और अपने लोगों की पहुंच को बढ़ाकर अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने में जुटेगी। यूपी बीजेपी के एक नेता ने कहा कि पार्टी ने मंडल और बूथ स्तर पर जीत दर्ज करने के लिए मजबूत रणनीति बनाई है। हमारी पार्टी के नेता इन क्षेत्रों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और आने वाले समय में बीजेपी विपक्ष के हर वार का जवाब देने में पूरी तरह से सफल होगी।

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