UP BJP Chief: ये महिला बन सकती हैं UP भाजपा की अध्यक्ष, रह चुकी हैं मोदी की मंत्री! इनकी जाति है बड़ा फैक्टर
UP BJP President (Sadhvi Niranjan Jyoti): उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है और इसी बीच सियासी गलियारों में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है फतेहपुर की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति। 04 दिसंबर को उनकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से हुई मुलाकात ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है।
माना जा रहा है कि दो से तीन दिनों के भीतर यूपी बीजेपी अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है। यही वजह है कि अब हर तरफ यही सवाल गूंज रहा है कि क्या वाकई साध्वी निरंजन ज्योति को बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है। अगर साध्वी निरंजन ज्योति को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो यह बीजेपी की बड़ी राजनीतिक चाल मानी जाएगी। आइए जानें साध्वी निरंजन ज्योति के बारे में और किन वजहों से उन्हें यूपी बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार किया जा रहा है।

🟡जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल
साध्वी निरंजन ज्योति ने हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और इसकी तस्वीर उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा की। इसके बाद यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष को लेकर चल रही अटकलों ने तेजी पकड़ ली।
पार्टी सूत्रों की मानें तो नेतृत्व जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर अंतिम फैसला ले सकता है। वैसे तो इस पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें धर्मपाल सिंह, रामशंकर कठेरिया, स्वतंत्र देव सिंह, दिनेश शर्मा और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सुर्खियों में साध्वी निरंजन ज्योति का नाम चल रहा है।
🟡क्यों सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं साध्वी निरंजन ज्योति?
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में साध्वी निरंजन ज्योति का नाम इसलिए मजबूत माना जा रहा है क्योंकि वह कई अहम सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों में फिट बैठती हैं। वह अति पिछड़े वर्ग के निषाद मल्लाह समाज यानी जाति से आती हैं, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है।
इसके अलावा वह महिला हैं, भगवा धारण करती हैं और किसी गुटबाजी से जुड़ी नहीं मानी जातीं। बीजेपी लंबे समय से सामाजिक संतुलन और महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है, ऐसे में साध्वी निरंजन ज्योति का नाम इन सभी पैमानों पर फिट बैठता दिख रहा है।

🟡21 साल की उम्र में लिया था संन्यास, कौन हैं साध्वी निरंजन ज्योति?
Who is Sadhvi Niranjan Jyoti: साध्वी निरंजन ज्योति का जन्म 1 मार्च 1967 को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के पतिउरा गांव में एक मध्यमवर्गीय निषाद परिवार में हुआ था। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद महज 21 साल की उम्र में उन्होंने स्वामी अच्युतानंद से गुरुदीक्षा लेकर संन्यास की राह पकड़ ली। इसके बाद वह दुर्गा वाहिनी और विश्व हिंदू परिषद से जुड़ गईं। यहां से उनकी पहचान एक तेज तर्रार और प्रखर हिंदूवादी नेत्री के रूप में बनने लगी।
🟡राम मंदिर आंदोलन से मिली राजनीतिक पहचान (Sadhvi Niranjan Ram Mandir)
साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पहचान राम मंदिर आंदोलन के जरिए मिली। इसके बाद उनका कद विश्व हिंदू परिषद में भी बढ़ा और वह केंद्रीय सहमंत्री तक बनीं। बाद में उन्होंने बीजेपी की सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उनकी छवि एक बेबाक और आक्रामक नेता की रही है। वह गेरुआ वस्त्र धारण करती हैं और धार्मिक प्रवचन भी देती हैं। इसके साथ ही वह कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से भी जुड़ी रही हैं।

🟡यूपी विधानसभा से लोकसभा तक का सफर (Sadhvi Niranjan Jyoti Life and career)
राजनीति में औपचारिक तौर पर उनकी एंट्री 2012 में हुई, जब उन्होंने हमीरपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फतेहपुर से जीत हासिल की और पहली बार संसद पहुंचीं। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया। 2019 में वह ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री बनीं। 2014 से 2024 तक वह मोदी सरकार में अलग अलग जिम्मेदारियों पर रहीं।
🟡विवादों से भी रहा नाता (Sadhvi Niranjan Controversy)
साध्वी निरंजन ज्योति का राजनीतिक सफर विवादों से भी अछूता नहीं रहा है। दिसंबर 2014 में उन्होंने एक सार्वजनिक सभा में दिया गया बयान संसद तक पहुंच गया था, जिसे लेकर खूब हंगामा हुआ। बाद में उन्होंने अपने बयान पर खेद भी जताया और माफी की पेशकश की। इसके अलावा 14 जून 2014 को लखनऊ में उन पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें वह बाल बाल बच गई थीं, जबकि उनके सुरक्षा कर्मी घायल हो गए थे।

🟡 बिहार चुनाव में मिली थी अहम जिम्मेदारी
हाल ही में बीजेपी ने उन्हें बिहार चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य के साथ सह पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद से उनका कद संगठन में और बढ़ता हुआ माना जा रहा है। यही वजह है कि अब उनके यूपी बीजेपी अध्यक्ष बनने की अटकलें और तेज हो गई हैं।
🟡 क्या यूपी बीजेपी को मिलेगा नया महिला अध्यक्ष
अगर साध्वी निरंजन ज्योति को यूपी बीजेपी का अध्यक्ष बनाया जाता है तो ये चौंकाने वाला फैसला होगा। इससे अति पिछड़े वर्ग और महिला वोट बैंक, दोनों को साधने का संदेश जाएगा। पार्टी के भीतर भी माना जा रहा है कि उनकी ताजपोशी से संगठन में नया जोश आएगा और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को एक मजबूत सामाजिक संदेश मिलेगा।
अब सबकी निगाहें सिर्फ एक सवाल पर टिकी हैं कि क्या वाकई यूपी बीजेपी की कमान साध्वी निरंजन ज्योति के हाथों में जाएगी। जवाब अगले कुछ दिनों में मिल सकता है, लेकिन फिलहाल उनका नाम सबसे आगे चल रहा है और राजनीतिक बाजार पूरी तरह गर्म हो चुका है।












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