UP Assembly MLAs: 'सियासी संरक्षण' से माननीय बने क्रिमिनल इतिहास वाले नेता! UP में 10 सबसे दागी MLA कौन? जानिए
माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद की हत्या के बाद आपराधिक इतिहास वाले लोगों के माननीय बनने पर फिर से बहस शुरू हुई है। जानिए यूपी विधानसभा में किस दल के किन विधायकों पर कितने आपराधिक केस दर्ज हैं।

UP Assembly MLAs की संख्या के मामले में सबसे बड़ा प्रदेश है। हालांकि, 403 विधायकों वाले उत्तर प्रदेश में आधे से अधिक निर्वाचित माननीय आपराधिक छवि वाले हैं। सपा के दो विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के बाद इस प्रदेश में कुल 401 विधायक हैं।
सपा के वेटरन आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने के बाद विधानसभा सदस्यता गंवानी पड़ी है। ये भी रोचक है कि इन्हीं दोनों पर सबसे अधिक क्रिमिनल केस दर्ज हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दल- समाजवादी पार्टी पर माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगते हैं। चार बार के विधायक और पूर्व सपा सांसद अतीक अहमद की हत्या के बाद सत्तारूढ़ BJP ने इसे अंडरलाइन किया।
भले ही पुलिस हिरासत में अतीक और उनके भाई अशरफ की मौत गंभीर पुलिसिया चूक है, लेकिन पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह इससे भी बड़ा मुद्दा क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले नेताओं के विधानसभा पहुंचने को मानते हैं।
प्रयागराज में हुई क्राइम की ये वारदात के बहाने ये टटोलना बेहद रोचक है कि यूपी विधानसभा में कितने विधायक हैं, जिन पर पहले से आपराधिक केस दर्ज हैं। इसके बावजूद चुनाव लड़कर ये दागी नेता विधानसभा पहुंचने में सफल रहे।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में दागी नेताओं की भरमार के बीच 201 विधायक ऐसे भी हैं जिन पर एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। 30.17 फीसद MLA ऐसे हैं, जिनके खिलाफ एक या दो क्रिमिनल केस दर्ज हैं।
महिला विधायकों की स्थिति
इतनी बड़ी विधानसभा में ये भी रोचक है कि केवल 47 विधायक महिला हैं। इनमें बीजेपी के 29 MLA हैं। एक कांग्रेस की, समाजवादी पार्टी की 14 महिला विधायक हैं।
तीन से 10 केस का सामना करने वाले MLA की तादाद चिंताजनक है। 19.20 विधायक ऐसे हैं जिन पर तीन से अधिक या अधिकतम 10 मामले दर्ज हैं। .50 फीसद MLA ऐसे हैं जिन पर 11 से 20 क्रिमिनल केस दर्ज हैं।
कई ऐसे भी माननीय हैं, जिनकी आपराधिक छवि उनके सियासी करियर में आड़े नहीं आई है। .75 फीसद ऐसे विधायक हैं, जिन पर 21 से 40 क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक पांच विधायक सपा के हैं। दो सदस्यता गंवा चुके हैं।
साल 2022 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों ने जो हलफनामे दाखिल किए इसके आधार पर सपा-बसपा-कांग्रेस और बसपा के कई नेताओं पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। MLA बन चुके कई अन्य छोटे दलों के नेताओं पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चौंकाने वाली बात ये है कि यूपी की सियासत में 50.62 फीसद विधायकों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। सत्तारूढ़ पार्टी की जवाबदेही सबसे अहम होती है, ऐसे में बीजेपी पर नजर सबसे पहले जाती है।
बड़ी तादाद में विधायकों के होने के कारण हमने पांच से अधिक मामले वाले विधायकों के नाम का जिक्र किया है। इसमें सपा-भाजपा के 10 प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। एक नजर आपराधिक इतिहास वाले MLAs पर।
- इलाहाबाद साउथ के MLA नंद गोपाल गुप्ता पर सात आपराधिक मामले
- फतेहपुर सीकरी चौधरी बाबूलाल- सात मामले
- गोला गोकर्णनाथ अरविंद गिरी 6 केस
- हाटा से मोहन वर्मा 7 केस
- उन्नाव सीट से बीजेपी MLA पंकज गुप्ता पर 6 क्रिमिनल केस
- बलिया नगर से MLA दयाशंकर सिंह पर पांच आपराधिक केस
- भोगनीपुर से BJP MLA राकेश सचान पर 6 केस
- डॉ एमपी आर्या गंगवार नवाबगंज से MLA हैं। इन पर 6 आपराधिक केस हैं।
- उन्नाव से पंकज गुप्ता 6 केस
- बिठूर से MLA अभिजीत सांगा, चरखारी से BJP विधायक बृजभूषण राजपूत, चुनार से अनुराग सिंह और सिधौली से मनीष रावत पर 5 क्रिमिनल केस दर्ज हैं
बात सपा विधायकों की करें तो इसमें सबसे ऊपर रामपुर से विधायक रहे आजम खान का नाम सबसे ऊपर है। आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम पर भी दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, सपा इसे प्रतिशोध वाली कार्रवाई भी बताती है।
समाजवादी पार्टी के इन दोनों विधायकों (आजम खान और उनके बेटे) को दोषी पाए जाने के बाद विधानसभा से विधायक के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है, लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसे MLA हैं, जिनपर 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। एक नजर-
- जमानिया से सपा विधायक ओम प्रकाश सिंह 6 मामले दर्ज हैं
- पट्टी सीट से MLA राम सिंह पटेल पर 6 मामले दर्ज हैं
- सकलडीहा से सपा MLA प्रभुनाथ सिंह पर 6 मामले दर्ज हैं
- गुन्नौर से विधायक रामखिलाड़ी सिंह 9 मामले
- बस्ती सदर से विधायक महेंद्र यादव पर 13 मामले
- कैराना सीट से सपा MLA नाहिद हसन पर 16 आपराधिक केस दर्ज हैं
- लखनऊ सेंट्रल से समाजवादी पार्टी के MLA रविदास मेहरोत्रा पर 22 मामले दर्ज हैं।
- चमरौआ विधानसभा सीट से SP विधायक नासिर अहमद खान पर 30 मामले हैं।
- सरधना सीट से सपा विधायक अतुल के खिलाफ 38 मामले दर्ज हैं।
- सपा विधायक (अयोग्य) अब्दुल्ला आजम पर 43 आपराधिक मामले दर्ज हैं
- रामपुर के सपा MLA (अयोग्य) आजम खान पर 87 क्रिमिनल केस
इनके अलावा कांग्रेस MLA आराधना मिश्रा मोरना रामपुर खास से विधायक हैं। इन पर 6 आपराधिक केस दर्ज हैं। बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह पर एक आपराधिक मामला दर्ज है।
UP विधानसभा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) 6 MLA हैं। दो विधायक स्वच्छ छवि के हैं, जबकि चार लोगों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गाजीपुर की जाखानियन से विधायक श्री बेदी पर 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बहरहाल, इन आंकड़ों से जरूर साफ है कि स्वच्छ छवि के उम्मीदवार चुनाव में उतनी बड़ी संख्या में निर्वाचित नहीं होते, जिसके आधार पर निष्कर्ष निकाला जा सके कि आपराधिक इतिहास के नेता नगणन्य हैं।
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आंकड़े बताते हैं कि विधानसभा के अलावा संसद में भी ऐसे नेताओं की संख्या लगातार बढ़ी है, जिनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं, या जो आम बोलचाल की भाषा में दागी उम्मीदवार हैं, लेकिन सजा नहीं हुई है।












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