बेटे ने बाप की हत्या कर फंसवा दिया बड़े भाई के ससुरालवालों को, फिर ऐसे हुआ खुलासा
उन्नाव। संपत्ति के लालच ने बेटे को कातिल बना दिया और हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर उसने अपने पिता को ही मौत के घाट उतार दिया। हिस्ट्रीशीटर भी मृतक का ममेरा भाई था। पुलिस ने कॉल डिटेल के जरिए इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया। पिता की हत्या करने वाले बेटे ने बड़े भाई के ससुराल वालों को अपने पिता के हत्या का दोषी बताते हुए नामजद कराया था लेकिन एक हफ्ता के पुलिस विवेचना में जो कुछ सामने निकल कल आया। वह बेहद चौंकाने वाला था। हिस्ट्रीशीटर पुलिस की गिरफ्त में हैं जबकि पुत्र फरार है। पुलिस ने जल्द ही पुत्र को भी गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। मृतक लखनऊ में पंप ऑपरेटर के पद से रिटायर हुआ था। जिसने अपने बड़े बेटे की ससुराल में जमीन खरीदी थी और वहीं पर प्लाट में दुकानें भी निकलवाई थी। जिसकी देखरेख के लिए वह आया-जाया करता था।

हिस्ट्रीशीटर ने खोला हत्या का राज
विगत 18 फरवरी औरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत चकसुनौरा ढकोली मार्ग पर लखनऊ के माल थाना क्षेत्र के शाहपुर गोड़वा निवासी पहलवान सिंह की उस समय हत्या कर दी गई थी। वह अपने बड़े बेटे की ससुराल फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के तकिया निगोही जा रहे थे। हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक पहलवान सिंह के पुत्र नरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने बेटे के ससुराल वालों को नामजद करते हुए मुकदमा पंजीकृत किया था।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष को गंभीरता से जांच कर शीघ्र खुलासे के आदेश दिए थे। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि विवेचना के दौरान फोन डिटेल का अध्ययन किया गया और मृतक परिजनों से बातचीत की गई। मृतक परिजनों ने बातचीत के दौरान दिए गए बयानों में भिन्नता थी। उनकी बातों में विरोधाभास था। जिसके बाद पुलिस को शक हुआ और उसने फोन डिटेल को खंगालना शुरू किया। जिसमें एक महत्वपूर्ण नाम मलखान सिंह पुत्र कल्लू सिंह निवासी तकिया निगोही थाना फतेहपुर 84 का सामने आया जो एक हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस ने मलखान सिंह को उठाकर पूछताछ की तो वह पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी।
मलखान सिंह ने बताया कि मृतक पहलवान सिंह का पुत्र नरेंद्र सिंह ने तकिया निगोही में खरीदी गई संपत्ति के लालच में अपने पिता की हत्या की योजना बनाई। जिसमें उसने उसे भी शामिल किया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियार को भी बरामद कर लिया है। प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मलखान सिंह के खिलाफ 13 अपराधिक मुकदमा पंजीकृत हैं और उसकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। पुलिस ने मलखान सिंह को जेल भेज दिया है। जबकि नरेंद्र के गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।












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