चलती ट्रेन से तीन मासूम बच्चियों को पिता ने ढकेला, एक की मौत

लखनऊ। मोतिहारी बिहार से ट्रेन में सफर कर रही मासूम बच्ची को अपने पापा की वजह से जान से हाथ गंवाना पड़ा है। महज सात साल की मासूम बच्ची को चलती ट्रेन से उसके चाचा ने धक्का दे दिया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। परिवार अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस से सफर कर रहा था, ये लोग अमृतसर अपने घर जा रहे थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की को सीतापुर के पास ट्रेन से धक्का दिया गया था, आरोपी चाचा ने तीन मासूम बच्चों को धक्का दिया था, जिसमें से एक बच्ची का शव मिला है जिसकी पहचान मुनिया के तौर पर हुई है। जबकि उसके दो अन्य बहनों अलगून खातून और शमीमा सीतापुर से 50 किलोमीटर दूर मिले हैं, जिन्हें सीतापुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इन्हें कई गंभीर चोटें आई हैं। शमीमा के सिर में चोट आई है। इन दोनों बच्चों की उम्र चार वर्ष और नौ वर्ष है।

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परिवार बेटियों से पाना चाहता था छुटकारा

लखनऊ में रेलवे पुलिस इंसपेक्टर बिनोद कुमार सिंह ने बताया कि सबसे बड़ी बहन अलगुन का हाथ टूट गया है, जबकि उसके कूल्हे में भी चोट आई है, उसने पहले बताया कि उसके पिता ने ट्रेन से धक्का दिया था, बाद में उसने कहा कि उसके चाचा ने उन्हें धकेला दिया था। हालांकि इस घटना के पीछे वजह का पता नहीं चल सका है, माना जा रहा कि परिवार बेटियों से छुटकारा पाना चाहता था। परिवार पुरुषवादी सोच की वजह से बेटियों से छुटकारा पाना चाहता था।

अलग-अलग जगहों पर मिली बच्चियां

वहीं घटना के सामने आने के बाद मोतिहारी पुलिस ने परिवार से संपर्क किया ताकि सच सामने आ सके। पुलिस के अनुसार लड़कियां काफी कमजोर थीं, उन्हें कई दिनों से खाने को खाना नहीं दिया गया, हम इस मामले की जांच कर रहे हैं कि इस अपराध की वजह गरीबी तो नहीं है। तीनों बहने अलग-अलग जगहों पर पाई गई हैं।

पुलिस को बाद में पता चला बच्चियां बहनें हैं

सीतापुर में रामकोट पुलिस स्टेशन के अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें रात को तीन बजे इस बात की जानकारी मिली कि भवानीपुर गांव के पास ट्रैक पर बच्ची पड़ी है। जब हम मौके पर पहुंचे तो हमें सबसे छोटी बेटी मिली, जिसके बाद हमे जानकारी मिली की सबसे बड़ी बेटी गोरगांव गांव में बच्ची के मिलने की जानकारी मिली, उन्हें तीसरी बहन के बारे में बाद में जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि हमे बाद में यह पता चला कि ये तीनों बच्ची बहनें हैं।

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