भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के बहाने योगी-अखिलेश में छिड़ा ट्विटर वॉर, योगी के दार्शनिक अंदाज पर सपा चीफ का पलटवार
लखनऊ, 9 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तमाम राजनीतिक दल एक दूसरे को शह और मात देने में कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसका असर अब ट्विटर पर भी दिखने लगा है। अब्बाजान के विवाद को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बीच शुरू हुई जुबानी जंग अब और तेज हो गई है। दरअसल भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें याद करते हुए लगातार तीन ट्वीट किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। योगी के ट्वीट को ही हथियार बनाकर अखिलेश यादव ने भी उनपर पलटवार करने में देरी नहीं लगाई।

योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ''वक्ता, लेखक, कलाकार, पत्रकार, नाटककार आदि इन सभी क्षेत्रों में पारंगत होने के साथ ही राष्ट्रभक्ति और मातृभाषा के प्रति अद्भुत लगाव भारतेन्दुजी में देखने को मिलता है। हम जीवन में कितने दिन जी रहे हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है। हमने कैसा जीवन जिया, यह महत्वपूर्ण होता है।''
अखिलेश ने योगी पर किया पलटवार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी के ट्वीट के एक घंटे बाद ही सरकार योगी पर तंज कस दिया। उन्होंने कहा, ''महत्वपूर्ण ये नहीं है कि हमने कैसा जीवन जिया, महत्वपूर्ण ये है कि हमारी वजह से लोगों ने कैसा जीवन जिया। भाजपा ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। अब तो भाजपाइयों के प्रवचन तक अच्छे नहीं लगते, उनके दिए गए वचन की तो क्या ही बात करें। ये वापस लौटने की तैयारी है। #भाजपा_ख़त्म''।''
अखिलेश और योगी के बीच अब्बाजान विवाद ने बटोरी सुर्खियां
दरअसल, कुछ दिनों पहले लखनऊ में एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने अखिलेश के पिता और पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव को अब्बाजान कहकर संबोधित कर दिया था। दरअसल, इस कार्यक्रम में अखिलेश ने अपने बयान में कहा था कि वह भाजपा वालों से बड़े हिन्दू हैं। नेताजी तो हनुमान जी की पूजा काफी समय से करते आ रहे हैं।
इसी कार्यक्रम में बाद में शामिल हुए योगी ने अखिलेश के हिन्दू वाले बयान पर पलटवार किया था। योगी ने तब कहा था कि उनके अब्बाजान (मुलायम सिंह यादव) तो कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। सपा वालों ने पहले राम मंदिर की बात स्वीकार नहीं की और रामभक्तों पर गोली चलवायी थी। योगी के इस बयान के बाद ही अखिलेश ने उन्हें मर्यादा में रहकर बोलने की नसीहत दी थी।

विधानसभा में सोते हुए तस्वीर वायरल होने पर कसा था योगी पर तंज
अजय कुमार लल्लू के ट्वविटर हैंडल से तस्वीरें शेयर करने के बाद अन्य विपक्षी दलों ने भी सीएम योगी की तस्वीरें शेयर करते हुए सदन में नींद लेने का आरोप लगाया था। वायरल तस्वीरों को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले में बिना नाम लिए सीएम योगी पर निशाना साध दिया था।
अखिलेश ने ट्वीट में लिखा था,
''ये आरोप निराधार है कि 'माननीय' सदन में निद्रा में लीन थे। सच तो ये है कि वो इस चिंतन में लीन थे कि उनके समय में प्रदेश की जो दुर्दशा हुई है और उसके कारण जनता में जो असीमित आक्रोश है, उसका सामना कैसे किया जाए और अगले चुनाव में प्रत्याशी कहाँ से लाये जाएं।''












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