स्वतंत्रता दिवस पर10 महिला कैदी होंगी आजाद:8 महिलाएं नैनी सेंट्रल जेल में काट रही थीं उम्रकैद, शाम तक रिहाई
लखनऊ, 15 अगस्त: देश आज स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ बना रहा है। इस मौके पर उन कैदियों को भी सरकार ने राहत दी है जो विभिन्न अपराधों में आजीवन कारावास की सजा काट रही थीं। बताया जा रहा है कि प्रयागराज नैनी सेंट्रल जेल में विभिन्न अपराधों में आजीवन कारावास की सजा काट रहीं 10 महिला कैदियों को स्वतंत्रता दिवस यानी आज रिहा किया जाएगा। यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इन कैदियों को सजा माफ होने का प्रमाण पत्र सौंप दिया है। इसके बाद शासन से आदेश मिलने के बाद जेल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज शाम तक सभी 10 बंदियों को नैनी जेल से आजाद कर दिया जाएगा।

जिन महिला कैदियों को आज रिहा किया जाएगा उसमें कमला देवी (44) पत्नी छैलबिहारी, होलागढ़, प्रयागराज की रहने वाली हैं। कमला देवी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजायाफ्ता हैं। उन्हें जेल में 2007 में बंद किया गया था। कमला को 15 वर्ष, नौ माह व 3 दिन की सजा दी गई है। वहीं रजिया सुल्ताना उर्फ बेबी, उर्फ रानी उर्फ निशा (55) पत्नी खुर्शीद अहमद शाहगंज, इलाहाबाद की रहने वाली हैं। रजिया भी हत्या के आरोप में नैनी जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रही हैं। रजिया 2006 से नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं। उसे 16 वर्ष तीन माह व 3 दिन की सजा सुनाई गई थी।
हत्या के आरोप में सजा काट रही ज्योति भी अब होगी आजाद
ज्योति (50) पत्नी बसंत लाल चांदपुर सलोरी, शुक्ला मार्केट की रहने वाली हैं। उनपर भी हत्या का आरोप लगा था और 2012 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। ज्योति को 10 वर्ष 10 माह और दो दिन की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा नइकी उर्फ शिवरानी (73) पत्नी रामदास कौशांबी के बनीखास की रहने वाली हैं। उनपर भी हत्या का आरोप सिद्ध हुआ था और आजीवन कारावास की सजा काट रही थीं। वो 2013 से नैनी जेल में बंद हैं। उनकी सजा 10 वर्ष सात माह और 23 दिन थी।
कमलेश कुमारी उर्फ शकुन (66) पत्नी अमर सिंह राजरूपपुर धूमनगंज की रहने वाली हैं। कमलेश पर भी हत्या का अरोप सिद्ध हुआ था और पिछले 11 वर्ष से आजीवन कारावास की सजा काट रही थीं। उन्हें 11 वर्ष चार माह और दो दिन की सजा सुनाई गई थी। वहीं हसीना बेगम (77) पत्नी ललई मूलत. मौली, चरवा जिला कौशांबी की रहने वाली हैं। उन्हें भी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। एक नवंबर 2013 से हसीना भी नैनी जेल में बंद थीं। उन्हें 11 वर्ष 19 दिन की सजा सुनाई गई थी।
मिर्जापुर की रमादेवी और प्रयागराज की प्रभावती भी होंगी रिहा
रमा देवी पांडेय (63) पत्नी सुभाष मणि बोड़ई जिगना मीरजापुर की रहने वाली हैं। उन्हें भी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 20 अक्टूबर 2010 से नैनी जेल में सजा काट चुकी थीं। उन्हें 10 वर्ष 10 माह व 14 दिन की सजा सुनाई गई थी। प्रभावती (64) पत्नी राम किशुन सेमरी थरवई प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्हें भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 2019 में सश्रम 7 साल 4 माह 27 दिन की कारावास की सजा सुनाई गई थी।
रमा देवी (67) पत्नी अरुण पांडेय अतरसुइया प्रयागराज की रहने वाली हैं। रमा को भी 2021 में 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्हें 8 साल 28 दिन सजा काटनी थी पर सरकार ने उनकी सजा माफ कर दी है जबकि रजवंती देवी (67) पत्नी फूलचंद्र नाहरपुर हंडिया प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्हें भी कोर्ट ने सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी।












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