मौत का पीपा पुल, ऑल्टो के बाद बोलेरा गंगा में जा गिरा, 2 सगे भाई समेत 3 की मौत
मिर्जापुर। वाराणसी जिले के मिर्जामुराद थाना के भीखमपुर गांव से किराए पर बोलेरो तय करके बुधवार की दोपहर बाद बहन की विदायी कराने के लिए मिर्जापुर आ रहे दो सगे भाई बालकों सहित तीन लोग गंगा नदी में डूब गए। कछवां और मिर्जापुर के बीच में भटौली घाट पर बने पीपा पुल के आखिरी छोर पर पहुंचकर बोलेरो अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नदी में कूद गई। बोलेरो में सवार चौथा युवक वाहन से कूदकर जान बचाया। सूचना पर प्रभारी डीएम/सीडीओ प्रियंका निरंजन, एसपी सिटी सहित कई थानों की फोर्स गोताखोरों के साथ पहुंची। गोताखोरों की मदद से डूबने वालों और बोलेरो को खोजने का प्रयास किया गया। देर शाम तक टीम को कोई सफलता नहीं मिल पायी थी।

बहन की विदाई के लिए जा रहे थे उसके घर
वाराणसी जिले के मिर्जामुराद थाना के भीखमपुर गांव निवासी बिंद्रा कनौजिया की बेटी नेहा की शादी मिर्जापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के लेड़ूपूर गांव निवासी जीतलाल से हुई है। बिंद्रा नोजिया का 12 वर्षीय बड़ा बेटा रोशन और 10 वर्षीय छोटा बेटा करन गांव के ही दिनेश की बोलेरो तय करके बहन की विदायी कराने के लिए दोपहर बाद लेड़ूपुर गांव के लिए निकले। आते समय चालक दिनेश ने भांजे 28 वर्षीय भरत को भी साथ में ले लिया। भरत का भी घर मिर्जापुर पडरी थाना क्षेत्र के नान्हूपुर गांव में है। वह कई दिनों ने ननिहाल में घूमने गया था। बोलेरो सवार चारो लोग कछवां के बरैनी घाट की ओर से पीपा पुल पर चढे और भटौली घाट की ओर चल दिए।
अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए गंगा नदी
भटौली घाट की ओर आखिरी छोर पर पहुंचने पर अचानक बोलेरो अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए गंगा नदी में गिर गई। बोलेरो के नदी में गिरते समय भरत उसमें से नदी में कूद गया। इससे वह बहने लगा। मौके पर मछली मारने के लिए मौजूद नाविकों ने उसे धारा से बाहर निकालकर बचा दिया। देखते ही देखते बोलेरो नदी की धारा में समा गया। यह देख मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पीपा पुल पर जुटी भीड़ के बीच कोहराम मच गया।

प्रभारी डीएम समेत आला अधिकारी पहुंचे
सूचना पर देहात कोतवाली, कछवां थाना, विंध्याचल थाना की पुलिस के साथ ही प्रभारी डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी सिटी प्रकाश स्वरूप पाण्डेय विंध्याचल से पुलिस के पांच गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंच गए। गोताखोरों की मदद से बोलेरो और डूबे तीनों लोगों सहित बोलेरो को बाहर निकालने का प्रयास करने लगे। देर शाम तक गोताखोरों को कोई सफलता नहीं मिल पायी थी। देर शाम तक अधिकारियों के साथ ही स्थानीय व पुलिस के गोताखोरों के साथ ही भीड़ पुल पर जमी रही।

लगातार दूसरे दिन हादसे से दहशत व्याप्त
कछवां और भटौली के बीच गंगा नदी में बने पीपा पुल पर दो दिन में लगातार रेलिंग तोड़कर दो वाहनों के गंगा नदी में कूदने से लोगों में दहशत में व्याप्त है। लोगों को समझ में ही नहीं आ रहा है कि यह क्या हो रहा है। प्रदेश के वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल के आगमन से एक दिन पहले बने पीपा पुल पर शुरुआत से ही आवागमन खतरनाक हो गया है। प्रभारी मंत्री के जाने के दूसरे दिन ही पीपा पुल पर ट्रक फंस गया था। इससे आवागमन घंटों प्रभावित रहा। किसी तरह ट्रक को हटवाकर आवागमन शुरू कराया गया था। मंगलवार की शाम को चार बजे के करीब एक निजी कंपनी के दो कर्मचारी अल्टो सहित रेलिंग तोड़ते हुए इसी पुल से गंगा नदी में गिर गया थे। संयोग रहा कि दोनों को मछली मारने वाले नाविकों के साथ ही लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने बचा लिया। बुधवार को दूसरे दिन फिर बोलेरो सहित तीन लोग गंगा नदी में समा गए। इससे पुल के निर्माण को लेकर भी तरह-तरह की चर्चा हो रही है।

पीपा पुल से वाराणसी से दूरी तो कम हुई लेकिन खतरे बढ गए हैं
मिर्जापुर को वाराणसी और कछवां से जोड़ने के लिए भटौली घाट पर और चुनार को वाराणसी से जोड़ने के लिए मेड़िया घाट पर गंगा नदी में बने दो पीपा पुलों से दूरी तो कम हुई है लेकिन खतरे बढ गए हैं। पीपा पुलों की बेहतर बनावट न होने के कारण आए दिन इन पुलों पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पुल की बनावट ऐसी होती है कि एक समय में एक ही वाहन इस पर गुजर सकती है। वाहन चालकों की मनमानी और संयम न बरतने से कभी कभी दो-दो वाहन एक साथ पुल पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में जगह के अभाव में घंटों जाम तो लगता ही है वाहनों के नदी में गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है।












Click it and Unblock the Notifications