UP विधानसभा सत्र में एक बार भी नहीं हुआ स्थगन, जानिए सतीश महाना ने क्या क्या गिनाईं उपलब्धियां
लखनऊ, 1 जून : उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने अठारहवीं विधान सभा के प्रथम सत्र की समाप्ति पर सदन के सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी दलीय नेताओं और सदस्यों ने सारगर्भित चर्चा में भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 06 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिसमें सभी सदस्यों ने विधेयकों के प्रस्तुतिकरण और विधि निर्माण में हिस्सा लिया। विधानसभा के प्रथम सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसमें कोई स्थगन नहीं हुआ। सदन में व्यवधान भी लगभग नगण्य रहा। कई वर्षों बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से सम्पादित हुई।

इस बार सत्र की कार्यवाही में नहीं हुआ स्थगन
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा के प्रथम सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसमें कोई स्थगन नहीं हुआ। सदन में व्यवधान भी लगभग नगण्य रहा। कई वर्षों बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से सम्पादित हुई। प्रश्न प्रहर बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुआ। अध्यक्ष ने कहा कि हमारा यह प्रयास है कि यूपी की विधानसभा पूरे देश में विधायिका के लिए एक रोल मॉडल बने। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि, नियम-51 के अन्तर्गत स्वीकार होने वाली इन सूचनाओं की संख्या भी पूर्व की तुलना में बहुत अधिक है। अतः इस अठारहवीं विधान सभा के प्रथम सत्र में जनहित की सूचनाओं हेतु एक नया आयाम निर्धारित हुआ है।

सत्र के दौरान 55 घंटे तक चली कार्यवाही
अध्यक्ष ने बताया कि सदन की कार्यवाही 55 घण्टे 57 मिनट चली। अठारहवीं विधान सभा के प्रथम सत्र में सबसे अच्छी बात यह रही कि इसमें सदन बाधित नहीं हुआ। 8 दिन के उपवेशन में अल्पसूचित प्रश्न 3, तारांकित प्रश्न 439, अतारांकित प्रश्न 1524 प्राप्त हुए। मा0 अध्यक्ष जी ने बताया कि जितने भी तारांकित प्रश्न प्रतिदिन लगाए गए थे, वह लगभग सभी ले लिये गये, जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। पिछली कई विधानसभाओं में 5-6 से ज्यादा प्रश्न नहीं लिये जा पाते थे।

नियम 51 एवं 301 में बढ़ी सूचनाओं की संख्या
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि नियम-51 एवं नियम-301 की सूचनाओं की संख्या भी इस सदन में बढ़ी हैं। नियम-301 के अन्तर्गत 489 सूचनायें प्राप्त हुई, जिनमें से 248 सूचनायें स्वीकार की गईं। सामान्य रूप से 15 सूचनायें ही स्वीकार की जाती थीं, परन्तु वर्तमान सत्र में इससे दोगुनी एवं उससे भी अधिक सूचनाओं को जनहित में स्वीकार किया गया। नियम-51 के अन्तर्गत 753 सूचनायें प्राप्त हुई, जिनमें से 330 सूचनायें स्वीकार की गईं एवं 301 सूचनाओं के सन्दर्भ में शासन का ध्यान आकर्षित किया गया।

सदन में पहली बार प्रारम्भ हुई ई विधान प्रणाली
विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक ने इस सत्र में राज्यपाल अभिभाषण एवं बजट पर बोलने वाले सदस्यों की संख्या भी उल्लेखनीय है। बजट पर मुख्यमंत्री एवं संसदीय कार्यमंत्री सहित सत्ता पक्ष के कुल 76 सदस्यों एवं प्रतिपक्ष से 49 सदस्यों ने, अर्थात् कुल 125 सदस्यों ने अपने विचार प्रकट किये। सत्र में ई-विधान की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी। आश्चर्यजनक रूप से लगभग सभी सदस्यों ने नई तकनीक का उपयोग किया एवं ई-विधान के माध्यम से ही विधान सभा में अपनी कार्यवाही सम्पादित की। विधान सभा में कार्यवाही पहली बार लगभग पेपरलेस रूप से संचालित हुई।












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