Prayagraj मंडल में तबाही मचा रहा गंगा-यमुना का बढ़ता जलस्तर, जानिए बाढ़ से कैसे बिगड़ रहे हालात
लखनऊ/ प्रयागराज, 29 अगस्त: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की वजह से 16 जिले प्रभावित हैं। इसकी वजह से 600 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में है। इनमें से सबसे बुरी स्थिति प्रयागराज की बनी हुई है। यहां गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। गंगा का जलस्तर खतरे से एक मीटर उपर पहुंच गया है। अधिकारियों की माने तो जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है क्योंकि रविवार शाम को गंगा और यमुना तीन में से दो माप बिंदुओं पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति का आलम यह है कि अब तक 1,327 परिवारों के करीब 6,200 लोगों ने 19 राहत शिविरों में शरण ली है।

खतरे के निशान से एक मीटर उपर पहुंची गंगा
अधिकारियों ने बताया कि दोनों नदियां दो माप बिंदुओं पर खतरे के निशान 84.734 मीटर से एक मीटर ऊपर बह रही हैं। शाम छह बजे तक दोनों नदियों में हर दो घंटे में दो सेंटीमीटर की दर से पानी का स्तर बढ़ रहा है। इसके चलते प्रशासन ने और लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जहां रविवार दोपहर तक 505 बच्चों समेत 1,327 परिवारों के करीब 6,200 लोगों ने 19 राहत शिविरों में शरण ली थी। शाम 6 बजे तक 550 बच्चों सहित 1,401 परिवारों के लगभग 6,512 लोगों ने 21 राहत शिविरों में शरण ली थी।

ग्रामीण और शहरी इलाकों में लगाए गए बाढ़ राहत शिविर
इस बीच,सभी प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित मामलों के जिला नोडल प्रभारी जगदंबा सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों के पास विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर लगाए गए हैं। प्रशासन अपने घरों में रह रहे स्थानीय लोगों को भी बाढ़ राहत सामग्री वितरित कर रहा है। लोगों की मदद के लिए 269 नावों को भी तैनात किया गया है। दरअसल जलाधिकारी जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने शाम को कई राहत शिविरों का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे आवास और भोजन की स्थिति का जायजा लिया।

प्रयागराज में NDRF ने संभाली कमान
इस बीच एनडीआरएफ के टीम लीडर बृजेश कुमार तिवारी ने कहा कि एनडीआरएफ की टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में घरों में फंसे सभी लोगों को निकालने का हर संभव प्रयास कर रही है। एनडीआरएफ लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रहा है और स्थानीय लोगों को स्थिति से अवगत करा रहा है ताकि लोग अपने घरों को छोड़कर राहत शिविरों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर आ सकें और एनडीआरएफ की टीम उनकी हर तरह से मदद करेगी।

फाफामऊ में लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
रविवार को सुबह 8 बजे फाफामऊ में गंगा में जलस्तर 85.71 मीटर दर्ज किया गया और यह शाम 4 बजे तक बढ़कर 85.77 मीटर और शाम 6 बजे तक 85.81 मीटर तक पहुंच गया। इसी तरह, छतनाग में गंगा सुबह 8 बजे 84.89 मीटर पर बह रही थी, जबकि शाम 4 बजे, जल स्तर 85.05 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद जलस्तर में शाम 6 बजे तक बढोत्तरी नहीं दर्ज की गई।

यमुना के जलस्तर में भी बढ़ाव दर्ज किया गया
सुबह आठ बजे नैनी में यमुना 85.67 मीटर पर बह रही थी और जलस्तर करीब 13 सेंटीमीटर बढ़ गया। शाम 4 बजे नदी 85.05 मीटर पर बह रही थी और शाम 6 बजे तक 85.82 मीटर पर पहुंच गई है। प्रयागराज में दोनों नदियों का खतरे का स्तर 84.734 मीटर है। गंगा ने 1978 में फाफामऊ में गंगा के लिए 97.980 मीटर, छतनाग में 88.030 मीटर और नैनी में 97.990 मीटर पानी के स्तर नापा गया।












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