बुंदेलखंड के ऐतिहासिक किलों के लौटेंगे पुराने दिन, जानिए सरकार ने क्यों उठाया ये कदम
लखनऊ, 25 जुलाई: उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की कवायद में अब सरकार जुट गई है। प्रधानमंत्री ने 16 जुलाई को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान कहा था कि सरकार को बुंदेलखंड के किलों को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाना चाहिए। अब पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। बुंदेलखंड में पर्यटन सर्किट पर काम करने का आग्रह करने के एक हफ्ते बाद सीएम योगी ने कहा है कि बुंदेलखंड के ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया जाएगा।

योगी ने कहा है कि बुंदेलखंड क्षेत्र में जो किले हैं उन्हें पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की एक रिपोर्ट तैयार की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किलों के जीर्णोद्धार के साथ शुरुआत करने, पर्यटकों के लिए हेरिटेज होटल और वाटर स्पोर्ट्स सुविधाओं का विकास करने के लिए कहा है।
अधिकारियों ने बताया कि कलिंजर के किले के बारे में सीएम ने कहा कि निजी उद्यमों की भागीदारी को प्रोत्साहित करके एक लाइट एंड साउंड शो, प्रकाश और कैंपिंग, ट्रेकिंग और रॉक क्लाइम्बिंग जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन जैसी गतिविधियों की संभावनाओं का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को बरुआ सागर, तहरौली, दिगरा की गढ़ी, चंपत राय का किला, महल महिपाल निवास और रघुनाथ राव का महल के किलों को हेरिटेज होटलों में विकसित करने और इन स्मारकों को सामने की रोशनी से सुशोभित करने की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार बरुआ सागर और तालबेहट किलों के पास स्थित झीलों में वाटर स्पोर्ट्स और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को शुरू करने पर भी विचार कर रही है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित तालबेहट किला अच्छी स्थिति में है और यह पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। सीएम ने अधिकारियों को किले तक जाने वाली सड़कों की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के किलों के जीर्णोद्धार और क्षेत्र में पर्यटन के अधिक अवसरों की खोज के लिए एक अध्ययन करने के लिए एक पेशेवर एजेंसी को शामिल किया जाए जो इसपर काम करेगी।












Click it and Unblock the Notifications