यूपी: टीजीटी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी 8 साल बाद उन्हें पुन: मिलेगी नौकरी
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2010 में शुरू हुई प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक भर्ती (गणित) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। पूर्व में (2011में) जारी रिजल्ट के सापेक्ष चयनित होने वाले व संशोधित परिणाम (2014 में ) में पास होने वाले अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने संशोधित परिणाम में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को नौकरी देने का आदेश दिया है। जबकि संशोधित परिणाम में बाहर होने वाले चयनित अभ्यर्थियों को भी नौकरी में बनाए रखने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा की एकल बेंच ने दिया है। इस आदेश के बाद 8 सालों से वनवास काट रहे अभ्यर्थियों की भी सरकारी नौकरी की ख्वाहिश पूरी होगी और अब उन्हें जॉइनिंग दी जाएगी। चूंकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि अगर संशोधित परिणाम के बाद सफल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए पद ना हो तो मैनेजमेंट के कालेजों में पद सृजित कर उन्हें नियुक्ति की जाए।

क्या है मामला
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 2010 में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) गणित के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में कुल 579 पद थे। भर्ती की लिखित परीक्षा हुई और रिजल्ट 28 नवंबर 2011 को जारी हुआ था, जिसके सापेक्ष चयनित अभ्यार्थियों को जॉइनिंग दे दी गई थी। हालांकि इस भर्ती परीक्षा में पूछे गए कई सवालों को लेकर असफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जहां हाईकोर्ट ने प्रश्नों की जांच कराकर यानी अभ्यार्थियों की आपत्तियों को निस्तारित करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 16 दिसंबर 2014 को संशोधित परिणाम जारी किया था। जिसके बाद दर्जनों अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो गए। जबकि दर्जनों की संख्या में ही नए अभ्यर्थियों ने संशोधित रिजल्ट में सफलता पाई थी। चयन सूची से बाहर हो जाने वाले अभ्यार्थियों ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली और एकल पीठ के फैसले को चैलेंज किया। जिसके बाद डबल बेंच ने फिर से मामले को नए सिरे से तय करने का आदेश दिया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ ने पूर्व में चयनित होने वाले यानी प्राथमिक रिजल्ट घोषित होने के बाद चयनित होने वाले अभ्यर्थी व संशोधित परिणाम जारी होने के बाद सफल होने वाले अभ्यर्थी दोनों को राहत दी है।
केवल पेंशन में मिलेगा फायदा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संशोधित परिणाम में सफल होने वाले अभ्यार्थियों को नौकरी के संदर्भ में तो बड़ी राहत दी है। लेकिन वेतन के संदर्भ में चयनित अभ्यर्थी थोड़े से निराश नजर आ रहे हैं। दरअसल संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यार्थियों को वेतन का लाभ जॉइनिंग की तिथि से नहीं मिलेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि संशोधित परिणाम में सफल हुए सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति मूल परिणाम जारी होने की तिथि से ही मानी जाएगी। लेकिन, उन्हें मूल परिणाम जारी होने की तिथि से अब तक का वेतन किसी बकाए के तौर पर नहीं किया जाएगा। बल्कि जॉइनिंग तिथि का इस्तेमाल उनकी पेंशन प्रक्रिया में प्रयोग होगा।
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