शिक्षक दिवस पर लखनऊ की सड़कों पर शिक्षकों ने बाल मुंडवाकर मांगी भीख
लखनऊ। आज पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। एक तरफ सरकार शिक्षकों का सम्मान कर रही है तो दूसरी तरफ वित्तविहीन शिक्षक अपनी उपेक्षा को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। उपेक्षा का शिकार हो रहे वित्त विहीन शिक्षकों ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में हजरतगंज गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया।

सिर मुंडवाकर भीख मांगकर किया प्रदर्शन
इस दौरान कई महिला शिक्षकों ने अपना सर मुंडवा कर विरोध दर्ज किया। शिक्षकों ने भीख मांग कर और मुंडन करा कर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे वित्त विहीन शिक्षकों को पुलिस प्रशासन ने हिरासत में लेकर जबरन हटा दिया। सरकार की लगातार हो रही अनदेखी से नाराज शिक्षकों ने आज गांधी प्रतिमा पर मुंडन कराकर और भीख मांगकर प्रदर्शन किया। ये सभी शिक्षक 'वित्तविहीन शिक्षक महासभा' के बैनर तले एकजुट हुए थे।

योगी सरकार के खिलाफ लगाए नारे
प्रदर्शनकारियों ने योगी सरकार पर मानदेय बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की थी। शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक जो समाज को आइना दिखाता है और ईमानदारी का पाठ पढ़ाता है उसका मानदेय यह कहकर योगी सरकार ने बंद कर दिया कि यह शिक्षकों को एक प्रकार से दिए जाने वाली भीख थी। मानदेय बंद होने से लाखों शिक्षकों और उनके परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उनके लिए योगी सरकार कुछ नहीं कर रही है। महासभा के अजय सिंह ने कहा कि बुधवार को हजरतगंज स्थित महात्मा गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास तक शिक्षक भीख मांगकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि हम योगी सरकार से अपनी भीख वापस लेकर रहेंगे।

समान कार्य के लिए समान वेतन, प्रमुख मांग
वित्तविहीन शिक्षकों की प्रमुख मांगें वित्तविहीन शिक्षकों और कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन, सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का विनियमितिकरण, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली, 135 विद्यालयों को अनुदान, वित्तविहीन विद्यालय में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को बीमा एवं ईपीएफ देने के साथ दुर्घटना में शिक्षकों की मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये की सुविधा।












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