बुलडोजर कार्रवाई: SC ने 3 दिन में मांगा यूपी सरकार से जवाब, अगले हफ्ते होगी सुनवाई

नई दिल्ली, 16 जून: उत्तर प्रदेश में होने वाली बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने यूपी सरकार को विध्वंस अभियान पर रोक के लगाने के निर्देश देने की मांग की है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने यूपी सरकार से 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है।

Uttar Pradesh demolitions

गुरुवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जमीयत-उलमा-ए-हिंद और अन्य की याचिकाओं पर 3 दिन में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। याचिका में यूपी के अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई है कि राज्य में संपत्तियों पर उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना कोई कार्रवाई नहीं किया जाए। इस मामले में अब अगले हफ्ते सुनवाई होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना विध्वंस की कार्रवाई नहीं हो सकती।

यूपी सरकार ने सुनवाई के दौरान रेखांकित किया कि किसी भी समुदाय को टारगेट करने का कोई मामला नहीं था, नोटिस दिए गए थे और प्रयागराज और कानपुर में विध्वंस के सभी मामलों में उचित प्रक्रिया का पालन किया गया। वहीं इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विध्वंस का कारण यह बताया गया कि हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सिंह ने तर्क दिया कि विध्वंस (बुलडोजर कार्रवाई ) बार-बार होता रहता है, यह चौंकाने वाला और भयावह है। यह आपातकाल के दौरान नहीं था, आजादी से पहले के युग के दौरान भी नहीं था। ये 20 साल से अधिक समय से खड़े घर हैं और कभी-कभी ये आरोपी के नहीं बल्कि उनके बुजुर्ग माता-पिता के भी होते हैं।

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जहांगीरपुरी अतिक्रमण मामले में किसी भी प्रभावित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर नहीं की और यहां वही है जो जमीयत-उलमा-ए-हिंद द्वारा दायर की गई है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हमने स्पष्ट किया कि कोई कानूनी ढांचा या इमारत नहीं गिराई गई। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि जहांगीरपुरी इलाके में यह देखे बिना कि किस समुदाय की संपत्ति है, ढांचे को हटा दिया गया। ऐसी कार्रवाई नियत प्रक्रिया के साथ चल रही है और हाल ही विध्वंस उसी का एक उदाहरण था। उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+