कानपुर: रात के अंधेरे में किया गया खौफनाक गुनाह वीडियो में कैद, देखिए
शुरुआती पुलिस जांच में आग लगने की वजह शॉर्टसर्किट बतायी गयी थी लेकिन इमारत में लगे सीसीटीवी फुटेज में ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर हास्टल में आग लगाये जाने का खुलासा हुआ है।
कानपुर। बीस जुलाई की रात कानपुर के एक हॉस्टल में हुए अग्निकाण्ड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शुरुआती पुलिस जांच में आग लगने की वजह शॉर्टसर्किट बतायी गयी थी लेकिन इमारत में लगे सीसीटीवी फुटेज में ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर हॉस्टल में आग लगाये जाने का खुलासा हुआ है। इस आगजनी में एक नवविवाहिता दम्पत्ति की जलकर मौत हो गयी थी और तेरह अन्य घायल हो गये थे।

रोंगटे खड़े करनेवाला वीडियो आया सामने
बीस जुलाई की रात तुलसी नगर के एक हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे में एक रोंगटे खड़े करने वाली वारदात कैद हुई है। रात के अन्धेरे में एक बाइक इस हॉस्टल के गेट के पास आकर रुकती है। बाइक की हेडलाइट और बैकलाइट बन्द कर दी जाती है। फिर एक बोतलनुमा चीज इमारत के अन्दर फेंकी जाती है जो रोशनी की चमक के साथ साइड दीवार से टकराती है और फिर पोर्टिको में खड़ी कार के निकट गिर जाती है। मेनगेट के बाहर अन्धेरे से निकलकर एक साया सामने आता है।

खौफनाक गुनाह की तस्वीरें कैमरे में कैद
सींखचों वाले गेट से झांककर वो फेंके गये ज्वलनशील पदार्थ की लोकेशन लेता है और माचिस जलाता है। ये साया बेफिक्र है। उसे लगता है कि रात के अन्धेरे में वो जिस गुनाह के अन्जाम देने जा रहा है, उसे कोई नहीं देख रहा। इसी बेफिक्री में वो जलती माचिस की तीली ज्वलनशील पदार्थ पर फेंकता है और एक तेज धमाके के साथ आग का गोला उठता है। देखते-देखते वहां खड़ी गाड़ी को आग अपनी चपेट में ले लेता है। कुछ सेकेण्ड के अन्दर कार और वहां खड़ी बाइक धू-धू करने जलती लगती है। हॉस्टल के अन्दर सो रहे पन्द्रह लोगों को इसकी खबर भी नहीं होती है कि नीचे कोई उनकी मौत का इन्तजाम कर रहा है।

दोमंजिला इमारत जलकर खाक, साथ में जल गई दो जिंदगियां
आग धीरे-धीरे इस दोमन्जिला इमारत को पूरी तरह अपनी आगोश में ले लेती है। पूरी इमारत में आग लगने और धुंआ फैलने के बाद शोर मचता है। सैंकड़ों लोग वहां जमा होते हैं। दमकल दस्ता पहुंचता है और अन्दर फंसे लोगो को बाहर निकाला जाता है। तब तक एक नवदम्पति अपनी दम तोड़ चुका होता है। प्रेम विवाह करके यहां रहने आये दम्पति को यह भी पता नहीं होता है कि उन्होने अपने लिये आशियाना नहीं मौत का घर चुना था। अगजनी में घायल तेरह अन्य लोगों को इलाज के लिये अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है। घटना के तुरन्त बाद पुलिस और हॉस्टल संचालक दोनों इसे शार्टसर्किट से लगी आग बताते हैं।
हार्ड डिस्क बच गई वरना किसी को पता नहीं चलता
इस वारदात के बाद पूरे शहर में चल रहे निजी हॉस्टलों में सुरक्षा मानकों की जांच बैठा दी जाती है। पुलिस फाइलों में यह घटना महज एक हादसा मानकर दफन हो जाती अगर इस अग्निकाण्ड में हॉस्टल में लगे सीसीटीवी सिस्टम की हार्ड डिस्क भी जल चुकी होती। भवन के जिस जिस हिस्से में क्लोज सर्किट सिस्टम लगा था, वो जलने से बच गया था। इसके फुटेज देखने से खुलासा हुआ कि हॉस्टल में साजिशन आग लगायी गयी थी।












Click it and Unblock the Notifications