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'कबाड़ से जुगाड़' फिर लाखों खर्च क्यों? महात्मा गांधी की अजीबोगरीब प्रतिमा पर बवाल, Viral हुईं तस्वीरें

उत्तर प्रदेश के मेरठ में नगर निगम द्वारा कबाड़ को लेकर चलाया जा रहा अभियान चर्चाओं में आ गया है। वजह है कबाड़ से जुगाड़ कर बनी महात्मा गांधी की प्रतिमा, जिसे कमिश्नरी के पास सेल्फी पॉइंट पर लगाया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर नगर निगम के इस प्रयास की जमकर आलोचना हुई जिसके बाद अब इस प्रतिमा को हटाने का निर्णय लिया गया है।

महात्मा गांधी की मूर्ती पर बवाल
दरअसल, मेरठ में गांधी जयंती के अवसर पर नगर निगम ने 'कबाड़ से जुगाड़' अभियान के तहत महात्मा गांधी की मूर्ति बनाई थी। इस मूर्ति को कमिश्नरी के पास सेल्फी पॉइंट पर लगाया गया था। यह मूर्ती शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही। हालांकि, सोशल मीडिया पर नगर निगम का यह प्रयास लोगों के गले नहीं उतरा और देश के महापुरुष महात्मा गांधी को इस प्रकार से श्रद्धांजलि देने पर खूब खरी खोटी सुनाई और इसे शर्मनाक बताया।

social media users angry over mahatma gandhi statue in meerut built under kabaad ka jugaad

सोशल मीडिया ने लिया आड़े हाथ
लोगों का सोशल मीडिया पर कहना है कि "नगर निगम के भ्रष्टाचारी अफसर हर दिन ऐसेे हथकंडों से सरकारी पैसा ठिकाने लगाते हैं। सवाल है कि अगर यह रचनात्मकता है तो क्या निगम का कोई अफसर अपने पिता/दादा कि ऐसी मूर्ती बनवाकर अपने घर में रखना चाहेगा? क्या कोई अफसर पीएम और सीएम की ऐसी स्टैच्यू बनवाने की हिम्मत कर सकता है?"

हटाई गई भद्दी प्रतिमा
हालांकि बापू की प्रतिमा की आलोचना और मामले को तूल पकड़ता देख नगर निगम बैकफुट पर आ गया और अपर नगर आयुक्त ने प्रतिमा हटाने के निर्देश जारी कर दिए। गौरतलब है कि मेरठ का 'कबाड़ से जुगाड़' अभियान की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' के 93वें संस्करण में भी हुई थी।

social media users angry over mahatma gandhi statue in meerut built under kabaad ka jugaad

कबाड़ से जुगाड़ फिर लाखों खर्च क्यों ?
आपको बताते चलें कि इस मूर्ती को इको इंडिया इनोवेशन कंपनी के आर्टिस्ट डॉ. प्रिंस राज ने तैयार किया है। इसे इस लिहाज से बनाया गया था कि लोग बापू की फोटो के साथ सेल्फी ले सकें। इसमें करीब एक लाख रुपए का खर्च आया है। यह पूरा स्टैच्यू आयल ड्रम के स्क्रैप, रिक्शा के व्हील और नट बोल्ट से तैयार किया गया है। इसे बनाने में 15 दिन से ज्यादा का वक्त लगा। बावजूद इसके स्टैच्यू का चेहरा बेहद खराब और भद्दा है।

social media users angry over mahatma gandhi statue in meerut built under kabaad ka jugaad

नगर आयुक्त ने दी सफाई
वहीं इस पूरे मामले पर अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार का कहना है कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर कबाड़ से जुगाड़ करके बापू का यह स्टैच्यू तैयार किया गया था। इसको लेकर हमने जनता से फीडबैक भी मांगा था। जनता ने इसको लेकर अपने कई सुझाव दिए और पसंद भी किया। हालांकि, यह परमानेंट स्टैच्यू नहीं था। अभी केवल फीडबैक के लिए इसे लगाया गया था। इसे हटा लिया गया है। इसे और अच्छे से बनाकर कहीं और लगाया जाएगा।

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कांग्रेस नाराज, कहा - मुख्यमंत्री संज्ञान लें
उधर, मामले पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बापू के चेहरे, चरित्र और त्याग के आगे पूरी दुनिया नतमस्तक है। लेकिन मेरठ मे बापू की प्रतिमा का इस तरह रूप दिखाकर अपनी कुंठा का प्रदर्शन किया जा रहा है। अजय कुमार लल्लू ने यह भी लिखा कि मुख्यमंत्री जी ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों की खबर लीजिए। बापू का अपमान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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