भीम आर्मी का मेंबर समझ SIT ने छात्र को उठाया, लोगों ने पुलिस को घेरा
भीम आर्मी से संबंध बताकर एसआईटी टीम ने पथरवा गांव से एक छात्र को उठा लाई। विरोध में परिजनों व सैंकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस लाईन का घेराव कर लिया।
सहारनपुर। यूपी के सहारनपुर में एसआईटी टीम ने भीम आर्मी का मेंबर समझ कर एक छात्र को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के विरोध में परिजनों और सैंकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस लाईन का घेराव कर लिया। दलित नेताओं के साथ प्रतिनिधि मण्डल ने एसएसपी से मुलाकात की। एसएसपी ने प्रतिनिधि मंडल को सांत्वना देते हुए कहा कि किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी।

मिली जानकारी के मुताबिक सहारनपुर के गांव पथरवा में रहने वाला स्वराज, राशन डिपो चलाता है। सोमवार को एसआईटी टीम उसके घर पहुंची। पहले तो टीम में शामिल अधिकारियों ने डिपो की जांच का बहाना बताकर कागजातों की मांग की और फिर स्वराज के पुत्र अजय को गांव से उठा लाई। बाद में परिजनों को जब पता चला कि एसआईटी अजय को भीम आर्मी का सक्रिय बताकर उठा ले गई है, तो अजय के पिता स्वराज, मां रीता, मामा राजकुमार, बहनोई नीरज कुमार, उपप्रधान किलोराम, बीडीसी सदस्य कुकी, भाई सोनू आदि परिजनों के साथ सैंकड़ों ग्रामीण कई वाहनों में भरकर पुलिस लाईन पहुंच गये।
स्वराज ने बताया कि अजय रूड़की में कोचिंग करता है और उसका नाम भीम आर्मी से जोड़ा जा रहा है, जबकि उसका पिछले दिनों हुई हिंसा से कोई संबंध नही रहा और न ही उस दौरान वह गांव में आया हुआ था। दलित नेता राहुल भारती व पुनिता गौतम के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने एसएसपी से मिलकर प्रकरण की जानकारी दी। दलित नेताओं का कहना था कि पुलिस भीम आर्मी पर कार्रवाई के नाम पर निर्दोषों को उठाकर जेल भेजने का काम कर रही है। यदि ये कार्रवाई न रोकी गई, तो दलित उत्पीड़न मानते हुए जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जायेगा।
ग्रामीणों में इस कदर रोष था कि कुछ तो धर्म परिवर्तन तक की चेतावनी दे रहे थे। पुलिस लाईन पहुंचे सैंकड़ों महिला व पुरूषों ने अजय को न छोड़े जाने पर जेल भरो आंदोलन भी शुरू करने की चेतावनी पुलिस को दे डाली, वहीं एसएसपी बबलू कुमार का कहना था कि किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जायेगा और एसआईटी भी बिना किसी सुबूत के कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसके खिलाफ भी सुबूत मिल रहे है, उस पर ही कार्रवाई हो रही है।












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