Shahjahanpur nikay chunav: अर्चना वर्मा ने अखिलेश यादव को दिया था गच्चा, अब बनीं शाहजहांपुर की पहली मेयर
Shahjahanpur Chunav Result 2023 Live Updates: शाहजहांपुर में बीजेपी ने मेयर सीट पर कब्जा कर लिया है। बीजेपी की उम्मीदवार अर्चना वर्मा ने निकटतम प्रतिद्वंदी को 30 हजार मतों से पराजित किया।

Shahjahanpur Chunav Result 2023 Updates: उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर का पहला महापौर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का होगा। शाहजहांपुर में बीजेपी की महिला प्रत्याशी अर्चना वर्मा ने शानदार जीत हासिल की है। अर्चना वर्मा ने 80,740 मत हासिल किए, जबकि कांग्रेस के निखत इकबाल 50,840 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। समाजवादी पार्टी (सपा) की माला राठौर 20,144 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। 2018 में शाहजहांपुर नगर निगम का गठन किया गया था। इस सीट पर बीजेपी के तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी।
अर्चना ने ऐन वक्त पर दिया था अखिलेश को गच्चा
निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच शह और मात का खेल भी चल रहा है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी को झटका देते हुए शाहजहांपुर से उसकी मेयर पद की उम्मीदवार अर्चना वर्मा ने रविवार को भाजपा का दामन थाम लिया। बीजेपी ने सपा को यह झटका ऐसे समय में दिया है जब दूसरे चरण के मतदान के नामांकन का आज आखिरी दिन है।
सपा छोड़ते ही घंटे भर के भीतर मिला था मेयर का टिकट
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और यूपी के वरिष्ठ मंत्री और शाहजहांपुर के विधायक सुरेश खन्ना की उपस्थिति में राज्य भाजपा कार्यालय में भगवा संगठन में शामिल हुईं थीं। इस मौके पर बीजेपी एमएलसी और यूपी के मंत्री जेपीएस राठौड़ भी मौजूद थे, जो शाहजहांपुर से हैं। नामांकन दाखिल करने से ठीक पहले अर्चना ने पाला बदल लिया था। हालांकि सपा के चीफ अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के पास मेयर पद के उम्मीदवार तक नहीं हैं।
राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती हैं अर्चना
दरअसल अर्चना वर्मा चार बार से सपा विधायक और अखिलेश यादव सरकार में यूपी के पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा की बहू हैं। वर्मा 2017 तक अंबेडकरनगर के अकबरपुर निर्वाचन क्षेत्र से जीतते रहे थे जब वह बसपा के राम अचल राजभर से हार गए थे। वर्मा के बेटे और अर्चना के पति राजेश वर्मा ने सपा के टिकट पर ददरौल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन बीजेपी के मानवेंद्र सिंह से हार गए थे। अर्चना को अखिलेश ने उम्मीदवार बनाया था लेकिन वह बीजेपी में शामिल हो गईं। बीजेपी ने उनके शामिल होने के दो घंटे के भीतर टिकट भी दे दिया।
बीजेपी के पास नहीं था अपना कोई नेता
यूपी भाजपा प्रमुख भूपेंद्र चौधरी ने बाद में ट्वीट किया कि अर्चना "पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व और पार्टी की जन-समर्थक नीतियों" पर विचार करने के बाद भाजपा में शामिल हुईं थीं। सूत्रों ने कहा कि वर्मा का भाजपा में दलबदल ऐसे समय में हुआ था जब जिले के तीन मंत्री- सुरेश खन्ना, जितिन प्रसाद और जेपीएस राठौर मौजूद हैं।












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