स्कूलों को पहले करनी होंगी ये सारी शर्तें पूरी, यूपी में तो तभी चलेगा!
गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद पूरे देश में स्कूल के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। यूपी के ज्यादातर छोटे और महानगर भी इस मामले में बहुत पीछे हैं।
इलाहाबाद। यूपी में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सूबे में योगी सरकार प्रद्युम्न की हत्या से सबक लेते हुए शिक्षा नियमावली में बदलाव कर रही है। अब शिक्षा नियमावली में ही सुरक्षा के बिंदु होंगे, यानी वो मानक तय होंगे जो अभी तक यूपी के स्कूलों नहीं हुआ करते थे। इस बाबत उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बयान भी जारी कर दिया है। अब यूपी के हर स्कूल में नई नियमावली का पालन अनिवार्य होगा और सुरक्षा बिंदु के मानक को लागू ही करना पड़ेगा।

नई नियमावली में सबसे पहले स्कूल स्टाफ की भर्ती का जिक्र होगा। यानि टीचर से लेकर गार्ड, स्वीपर, चपरासी, ड्राइवर, कंडक्टर तक का पुलिस वेरिफिकेशन होगा। फिर स्कूल की बिल्डिंग की बनावट और उसका मानक। परिसर, क्लास रूम आदि में सीसीटीवी कैमरे आदि की व्यवस्था इस नियमावली के जरिए स्कूलों में लागू होगी। दरअसल गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद पूरे देश में स्कूल के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। यूपी के ज्यादातर छोटे और महानगर भी इस मामले में बहुत पीछे हैं। लेकिन प्रद्युम्न जैसी कोई दूसरी घटना यूपी के किसी स्कूल में ना दोहराई जाए, इसके लिए शासन की तरफ से व्यापक पैमाने पर तैयारी के संकेत दिए गए हैं।

सब कुछ जांचेगी पुलिस?
नई नियमावली से टीचिंग स्टाफ और नॉन टीचिंग स्टाफ दोनों का पुलिस वेरिफिरेशन अनिवार्य होगा। जिन स्कूलों में इस नियमावली का पालन नहीं होगा, उनकी मान्यता खत्म की जाएगी। सरकार की मंशा के अनुसार स्कूल में वॉशरूम को छोड़कर हर जगह कैमरे लगेंगे। सीसीटीवी कैमरे सही से चल रहे हैं या नहीं इसकी रिपोर्ट भी हर महीने अपडेट होगी। पुलिस खुद भी स्टाफ वेरिफिकेशन के साथ स्कूल में लगे कैमरों की जांच करेगी। पुलिस ये भी बताएगी की स्कूल में कितने और कहां क्लोज सर्किट कैमरे लगने हैं।
क्रिमिनल रिकॉर्ड पर नो एंट्री!
नई नियमावली में क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को स्कूल स्टाफ पर रखना बहुत ही मुश्किल होगा। क्योंकि पुलिस वेरिफिकेशन में संबंधित व्यक्ति का चरित्र प्रमाण पत्र भी जारी होगा। जिसमें दागदार होने पर स्कूलों में नो एंट्री होगी। यानी की अब हर किसी को स्कूल में सीधे नौकरी नहीं मिलेगी। गौरतलब है कि योगी सरकार ने नए स्कूलों को मान्यता देने पर पहले ही रोक लगाई हुई है और मानक पूरा करने वालों को ही मान्यता दिए जाने का निर्देश है। सरकार पहले से ही स्कूल खोलने के लिए कड़े मानक बनाने पर काम कर रही है।












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