खेल आयोजनों के सहारे अपनी सीट के जाटों को मनाने में जुटे केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान!

लखनऊ, 18 नवंबर: केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन नई कृषि कानूनों और इनके खिलाफ किसानों के आंदोलन का कई राज्यों के सियासी हालात पर असर हुआ है। इन कानूनों के विरोध का केंद्र पंजाब और हरियाणा बने हुए हैं। वहीं पश्चिमी यूपी में भी इसका काफी फर्क पड़ा है। आंदोलन के लोकप्रिय नेता राकेश टिकैत भी पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर से ही हैं। आंदोलन के चलते भाजपा नेताओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। कुछ समय तक भाजपा से आने वाले पश्चिमी यूपी के जाट नेता चुप्पी लगाए रहे लेकिन अब विधानसभा चुनाव को देखते हुए वो डैमेड कंट्रोल में जुट गए हैं।

मुजफ्फरनगर सांसद खेल आयोजनों के सहारे कर रहे संपर्क

मुजफ्फरनगर सांसद खेल आयोजनों के सहारे कर रहे संपर्क

मुजफ्फरनगर से सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री संजीव बालियान पश्चिम यूपी में भाजपा के बड़े जाट नेता हैं। किसान आंदोलन के बाद कई मौकों पर उनका भी विरोध जाटों के गावों में हुआ, हालांकि अब वो बहुत शोर-शराबे के बिना जाटों का मनाने में जुटे हैं। सांसद खेल स्पर्धा के लिए संजीव बालियान देहात में घूम रहे हैं। इसे राजनीति से जोड़ते हुए सिर्फ खेल आयोजन की तरह देखने की बात भाजपा कह रही है लेकिन देखें तो इसमें एक राजनीतिक कोशिश भी साफ दिखती है। इन प्रतियोगिताओं के लिए जाट बाहुल्य इलाकों को चुना गया है और संजीव बालियान भी फीता काटते ही लौट नहीं रहे हैं। वो काफी समय लोगों के बीच गुजार रहे हैं।

 सांसद खेल स्पर्धा चली

सांसद खेल स्पर्धा चली

'सांसद खेल स्पर्धा' कई पड़ाव में की जा रही है। इसमें अलग-अलग कस्बों और ब्लॉक में कार्यक्रम हो रहे हैं। खेल स्पर्धा में कबड्डी, कुश्ती, बालीबाल, दौड़ जैसे खेलों का आयोजन हुआ है। इसमें मुजफ्फरनगर के सात हजार से ज्यादा खिलाड़ी शामिल हुए हैं। जिसमें नकद इनाम, टीशर्ट और ट्रेनिंग वगैरह के लिए खर्च खिलाड़ियों को दिया गया। मुजफ्फरनगर लोकसभा के सात ब्लॉक के खिलाड़ी इसमें शामिल हुए और सांसद बालियान ने हर ब्लॉक में दो दिन का समय बिताया है। इससे साफ है कि खेलों के सहारे वो किसान आंदोलन से बनी खाई को पाटने की कोशिश में हैं।

किसानों के खिलाफ बयानबाजी से भी बचे हैं बालियान

किसानों के खिलाफ बयानबाजी से भी बचे हैं बालियान

मुजफ्फरनगर सांसद संजीव बालियान ने गांवों में अपने विरोध के पीछे रालोद और भाकियू के होने की बात कई बार कही है। नए कृषि कानूनों की तारीफ भी उन्होंने की है और इनके प्रभाव के हरियाणा पंजाब तक सीमित रहने की बात भी कही है। इस सबसे के बावजूद वो किसान आंदोलन के खिलाफ उस तरह की भाषा बोलने से हमेशा बचे हैं, जिस तरह से उनकी पार्टी के कई नेता बोले हैं। संजीव बालियान ने किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने और उनकी बात सुने जाने की बात कई दफा स्वीकार भी की है। ऐसे में उनको किसानों के बीच जाकर उनसे मिलने और गुस्सा शांत करने में ज्यादा परेशानी भी अब नहीं हो रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+