यूपी के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार, अनामिका के बाद अब संध्या कर रही तीन जिलों में नौकरी
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों पर कई जिलों के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में टीचर की नौकरी करने का मामला सुर्खियों में रहा। यूपी के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की इस कड़ी में अब एक और नाम जुड़ गया है। संध्या द्विवेदी नाम से एक महिला तीन जिलों के कस्तूरबा विद्यालय में नौकरी कर रही है। मामले के खुलासे के बाद संध्या द्विवेदी को दो जिलों से नौकरी से बर्खास्त कर उसके खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।

दस्तावेजों की जांच से सामने आया फर्जीवाड़ा
फर्रुखाबाद के कमालगंज में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में वार्डन संध्या द्विवेदी अलीगढ़ और फिरोजाबाद में भी नौकरी करती पाई गई है। राज्य परियोजना निदेशक विजय करन आनंद के आदेश के बाद कस्तूरबा विद्यालयों के सभी कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सत्यापन के दौरान ही कमालगंज कस्तूरबा स्कूल में वार्डन संध्या द्विवेदी के अलीगढ़ और फिरोजाबाद में भी तैनाती की बात सामने आई।

जन्मतिथि में हेरफेर कर पाई नौकरी
बेसिक शिक्षा अधिकारी लालजी यादव ने इस बारे में बताया है कि संध्या द्विवेदी की मार्कशीट की जांच से पता चला है कि असली मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 1991 है जबकि कमालगंज में जो वार्डन संध्या द्विवेदी है उसकी मार्कशीट में जन्मतिथि वर्ष 1988 है। इससे पता चलता है कि जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा कर संध्या द्विवेदी ने नौकरी हासिल की है।
अलीगढ़ के विजयगढ़ में दूसरी नौकरी
अलीगढ़ के अकराबाद ब्लॉक के विजयगढ़ में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में संध्या द्विवेदी की तैनाती मिली। इस बारे में बीएसए लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि अनामिका शुक्ला की तरह संध्या द्विवेदी भी कई जिलों में नौकरी कर रही है। इससे लगता है कि दोनों मामलों का मास्टरमाइंड एक ही है। फर्जी संध्या द्विवेदी की तलाश में पुलिस लगी है।
फिरोजबाद के एका में तीसरी नौकरी
संध्या द्विवेदी फिरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में नौकरी कर रही थी। सितंबर 2019 में उसकी नियुक्ति पाने के बाद नवंबर 2019 में उसने मैटरनिटी लीव ले ली थी और उसके बाद फिर वो विद्यालय नहीं लौटी। जैसे ही दस्तावेजों की जांच शुरू हुई, उसके बाद संध्या द्विवेदी गायब हो गई।












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