Sambhal Violence: संभल में हिंसा के बाद अब कैसे हैं हालात?, प्रशासन मुस्तैद, इंटरनेट बंद, जानिए पूरा हाल
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर उपजा विवाद गंभीर हिंसा में तब्दील हो गया। जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे जिले में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस घटना ने राज्य और देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। जिसके चलते विपक्षी नेताओं ने विरोध जताया और समाजवादी पार्टी के एक सदस्य समेत अन्य पर आरोप लगाए गए।
आरएसएस और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने सपा पर दंगे भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे चुनाव में हार स्वीकारने में असमर्थ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अपने नेताओं को मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए उकसाया। वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने घटना की जांच मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की। ओवैसी ने सर्वेक्षण के दौरान मस्जिद प्रबंधन को पूर्व सूचना न देने की आलोचना की और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

खुदाई को लेकर फैली अफवाहों से शुरू हुआ विवाद
मस्जिद प्रबंधन समिति का कहना है कि विवाद खुदाई को लेकर फैली अफवाहों से शुरू हुआ। उनका आरोप है कि स्थानीय प्रशासन ने मामले को ठीक से संभालने में चूक की। जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मस्जिद के आसपास का इलाका वीरान
घटना के बाद शाही मस्जिद के आसपास का इलाका वीरान हो गया है। इंटरनेट पर प्रतिबंध और स्कूलों को बंद करने जैसे कदम उठाए गए। मुरादाबाद के कमिश्नर अंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और दुकानें फिर से खुलने लगी है। हिंसा में मारे गए लोगों को घर में बने हथियारों से गोली मारी गई। जिससे पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
सपा विधायक के बेटे पर FIR दर्ज
सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल पर अशांति में शामिल होने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि सोहेल ने खुद को निर्दोष बताया और शांति के लिए प्रतिबद्धता जताई। सांसद जिया-उर-रहमान बर्क पर बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा करने और सर्वेक्षण के खिलाफ लोगों को उकसाने का आरोप लगा है।
जिले में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक
जिले में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। 1 दिसंबर तक किसी को भी अधिकृत अधिकारी की अनुमति के बिना संभल में प्रवेश की अनुमति नहीं है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद की सख्त कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदू परिषद ने हिंसा की कड़ी निंदा की और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। वीएचपी ने हिंसा में हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है।
संभल जिले में जामा मस्जिद सर्वेक्षण पर विवाद ने जिले को तनाव के भंवर में डाल दिया है। प्रशासन और पुलिस व्यवस्था बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और जटिल बना दिया है। स्थिति को स्थिर करने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए सख्त कदम इस बात को रेखांकित करते हैं कि शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करना प्राथमिकता है।












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