संभल में मिली 250 फीट गहरी बावड़ी, 3 मंजिला इमारत, 12 कमरे और एक सुरंग, क्या है सच?
Sambhal Stepwell: संभल में मिली बावड़ी और तीन मंजिला इमारत का रहस्य क्या है? आखिर कई दशकों तक ऐतिहासिक इमारत की उपेक्षा क्यों हुई, आखिर इसे मिट्टी में कैसे दबाकर रखा गया, इमारत का भारत के इतिहास से क्या संबंध है, ऐसे कई सारे सवाल उठ रहे हैं, जिसका जवाब तलाशने के लिए बावड़ी की खुदाई जारी है। जिस स्थल पर ऐतिहासिक स्थल मिला है, उस जमीन के पूर्व मालिक के परिजनों ने अहम जानकारी दी है। जिसके मुताबिक, बावड़ी के पास बने मकान में लोग दोपहर के वक्त आराम करते थे।
उत्तर प्रदेश के संबल जिले के चंदौसी में शनिवार को एक जमीन की खुदाई के दौरान विशाल बावड़ी, तीन मंजिला इमारत और सुरंग मिलने की घटना के केंद्र को भी चौंका दिया। बावड़ी और तीन मंजिला इमारत का रहस्य क्या है? आखिर कई दशकों तक ऐतिहासिक इमारत की उपेक्षा क्यों हुई, आखिर इसे मिट्टी में कैसे दबाकर रखा गया, इमारत का भारत के इतिहास से क्या संबंध है, ऐसे कई सारे सवाल उठ रहे हैं, जिसका जवाब तलाशने के लिए जांच भी जारी है।

जमीन के पूर्व मालिक रानी सुरेंद्र वाला की पोती शिप्रा ने ऐतिहासक स्थल से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए स्थल की पूर्व स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "यह हमारा खेत था, यहां खेती होती थी। खेतों में एक बावड़ी थी, जिसके अंदर कमरे बने हुए थे, खेती के समय लोग इसमें आराम करते थे। मेरे पिता जी खेत किसी को बेचा था, लेकिन बावड़ी नहीं हमने यह खेत बदायूँ के अनेजा जी को बेचा था, उन्होंने किसे बेचा, मुझे नहीं पता... हम 5 बहनें हैं, हमें मिल जाएगा तो हम इसे संभालकर रखेंगे।"
उन्होंने कहा, "अगर सरकार इसे रखना चाहती है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है... हमने इसे 1995 के बाद बेच दिया था। बेचने के बाद हम यहां कभी नहीं आए।"












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