Sambhal violence: न्यायिक आयोग ने की पूछताछ, संभल SP केके बिश्नोई ने हिंसा के खोल दिए सारे राज
Sambhal violence case: उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसक झड़पों की जांच के लिए न्यायिक आयोग नियुक्त किया गया है। इस घटना में चार लोगों की दुखद मौत हो गई और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और सीओ अनुज चौधरी समेत 29 पुलिस अधिकारी घायल हो गए। हिंसा में पथराव, गोलीबारी और आगजनी शामिल थी, जिससे काफी नुकसान हुआ और कई वाहन जल गए।
इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया जाए कि क्या यह उपद्रव एक पूर्व नियोजित साजिश थी या अचानक भड़की हिंसा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र अरोड़ा, पूर्व डीजीपी एके जैन और सेवानिवृत्त आईएएस अमित मोहन प्रसाद के नेतृत्व में आयोग इस दुखद घटना के पीछे की वजह को समझने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। उनकी जांच गहन है, जिसका उद्देश्य घटना की एक पहलू का पता लगाना है।

संभल हिंसा केस में गठित किए गए न्यायिक आयोग ने शुक्रवार को पूछताछ के लिए संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई पूछताछ की। जिसमें घटना के दौरान पुलिस की भूमिका, कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू की गई रणनीतियों और हिंसा के आसपास की परिस्थितियों के बारे में बात की गई।
न्यायिक जांच आयोग द्वारा पूछताछ के बाद एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने खुद खुलासा किया कि उनकी आखिर बातचीत क्या हुई थी। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए एसपी बिश्नोई ने बताया मुझे न्यायिक जांच आयोग ने सुबह 11:00 बजे बुलाया था। उन्होंने दोपहर 3:30 बजे तक मेरे साथ मुद्दों पर चर्चा की। मैंने उनके द्वारा मांगे गए सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। मुझे उमुझे उम्मीद है कि संभल पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई न्यायिक जांच आयोग के अनुसार ही होगी।"
संभल हिंसा में पूछताछ के लिए बुलाए गए सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क के बारे में एसपी बिश्नोई ने कहा "हमने संभल हिंसा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की हैं। छह में चार्जशीट दाखिल की गई है। छह एफआईआर के लिए हमने बैलिस्टिक रिपोर्ट भी तैयार की है। जिया उर रहमान बर्क का मामला साजिश से जुड़ा मामला है। मामले में शामिल अन्य लोगों को भी बुलाया जाएगा और उनके बयान लिए जाएंगे।"
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संभल में मिले पाकिस्तान निर्मित कारतूसों के बारे में कहा कि "पाकिस्तानी कारतूसों के बारे में बैलिस्टिक रिपोर्ट और क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन रिपोर्ट आयोग के सामने पेश की गई है। मुझे उम्मीद है कि विशेषज्ञ की रिपोर्ट पर भी विचार किया जाएगा। घटनास्थल पर मौजूद मीडियाकर्मी भी गवाह थे और घटना उनके कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। इसलिए आयोग उनके बयान भी सुनेगा।"












Click it and Unblock the Notifications