राजभर के गढ़ में 9 अगस्त से सपा निकालेगी "देश बचाओ, देश बनाओ" यात्रा , जानिए क्या है प्लानिंग
लखनऊ, 30 जुलाई: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और लोकसभा उपचुनाव में करारी हार झेलने के बाद अब समाजवादी पार्टी ने 9 अगस्त से समाजवादी यात्रा निकालने का फैसला किया है। पहले चरण में यह यात्रा पूर्वांचल के 7 जिलों में निकालजा जायेगी। इन जिलों में सपा ने चुनाव के दौरान ठीक ठाक प्रदर्शन किया था। दरअसल समाजवादी पार्टी इस यात्रा से एक साथ बीजेपी और ओम प्रकाश राजभर को साधना चाहती है। दरअसल समाजवादी पार्टी की यह यात्रा उन जिलों से होकर गुजरेगी जिन्हें ओम प्रकाश राजभर का गढ़ माना जाता है इसलिए राजभर की निगाहें भी सपा की इस यात्रा पर टिकी रहेगी।

इन जिलों में निकलेगी समाजवादी यात्रा
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की तरफ से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान में बताया गया है कि यह यात्रा 9 अगस्त को गाजीपुर से शुरू होगी और गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही और वाराणसी से होकर गुजरेगी। यह यात्रा 27 अक्टूबर को वाराणस पहुंचेग और इसी के साथ ही इस यात्रा का प्रथम चरण भी समाप्त हो जाएगा। इस यात्रा में विधायक, पूर्व विधायक, निवर्तमान जिला अध्यक्ष , निवर्तमान महानगर अध्यक्ष और जिले के नेता शामिल रहेंगे। इस यात्रा के दौरान लोगों को समाजवादी सदस्यता अभियान , तिरंगा अभियान और वृक्षारोपण के प्रति लोगों को बताया जायेगा।
बीजेपी के हर घर तिरंगा अभियान को काउंटर करने की तैयारी
समाजवादी पार्टी की यह यात्रा उस समय निकाल जा रही है जब बीजेपी पूरे प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान में जुटी हुई है। बीजेपी भी इसी समय हर घर तिरंगा अभियान के तहत लोगों के पास पहुंचेगी। बीजेपी ने पूरे उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ परिवारों के घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा है। उत्तर प्रदेश में एक ही समय में बीजेपी और समाजवादी पार्टी का अभियान चलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मां तो बीजेपी के महाअभियान को काउंटर करने के लिए ही सपा ने इस यात्रा का आयोजन किया है।
विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल में सपा ने बीजेपी को पहुंचाया था नुकसान
तीन महीने पहले उत्तर प्रदेश में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने ओम प्रकाश राजभर की मदद से पूर्वांचल में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। इसमें भी रोचक ये है की समाजवादी पार्टी ने इस जगह से अपनी यात्रा की शुरुवात की है जहां चुनाव में बीजेपी का खाता भी नहीं खुला था। इसके अलावा जिन जिलों से समाजवादी पार्टी की यात्रा गुजरेगी उसमे वाराणसी ही एक ऐसा जिला है जहां बीजेपी ने सभी विधानसभा सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। सपा ने अपनी यात्रा में पूर्वांचल के उन जिलों को ही चुना है जहां संगठन मजबूत है।
राजभर से तलाक के बाद सपा का पहला शक्ति प्रदर्शन
दरअसल विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लडा था। समाजवादी पार्टी को राजभर का बहुत सहयोग मिला था जिसकी वजह से बीजेपी को काफी नुकसान हुआ था। चुनाव के बाद अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। राजभर अब बीजेपी के करीब जा चुके हैं इसलिए इस यात्रा के बहाने समाजवादी पार्टी अपनी ताकत की थाह लेना चाहती है। समाजवादी पार्टी राजभर को भी अपनी ताकत का एहसास कराना चाहती है की उनके बीजेपी के साथ जाने का सपा पर कोई असर नहीं पड़ा है।












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