जनता को धोखा दोंगे तो ये ही हाल होगा- घोसी उपचुनाव की जीत के बाद सपा ने किया भाजपा पर कटाक्ष
Ghosi bypoll result 2023: यूपी की विधानसभा घोसी सीट पर हुए उपचुनाव में समाजपवादी पार्टी ने जीत हासिल की है। सपा उम्मीदवाद सुधाकर सिंह ने भाजपा के दारा सिंह चौहान को 42 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया है। इस जीत ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सपा नेता और कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। घोसी सीट पर भाजपा को कड़ी शिकस्त देकर सपा को मिली इस जीत का श्रेय किसको जाता है? 2024 को लेकर सपा की रणनीति क्या होगी इन सभी सवालों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अज़ीज खान से....

वन इंडिया को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अज़ीज़ खान ने कहा यूपी की घोसी सीट का उपचुनाव ऐसे मोड़ पर हुआ जब देश में अलग तरह का माहौल है। अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में जो काम किया उसे जनता ने किसी ना किसी स्तर पर अभी भी याद रखा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के खिलाफ लोगों ने सपा को लोगों ने बड़ा जनाधार दिया जिस वजह से सपा की जीत हुई।
जनता को धोखा दोंगे तो ये ही हाल होगा
डॉक्टर अज़ीज़ खान ने कहा राज्य और केंद्र सरकार में दो-दो बार भाजपा को मौका मिला लेकिन हमने क्या देखा? राजनीतिक परिवेश में बदलाव आया तरक्की, देश हित की बात नहीं कर रहे जिस तरह नफरत की बात हो रही है, जिस तरह धर्म की आड़ में कहीं ना कहीं अपने कामों और नाकामियों को छिपाया जा रहा है, ऐसे में सपाने यकीनन बड़ी जीत हासिल की है। घोसी की जनता ने एहसास करा दिया कि अगर जनता के बीच काम करेंगे तभी हमारे बीच में रहेंगे जनता को धोखा दोंगे तो ये ही हाल होगा।
घोसी चुनाव से क्या I.N.D.I.A.में अखिलेश यादव का कद बढ़ेगा?
डॉक्टर अज़ीज़ खान ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा ये जीत निश्चित तौर पर I.N.D.I.A.गठबंधन की जीत है लेकिन साथ ही साथ ये जीत हमारे सपा नेतृत्व की जीत है। अखिलेश यादव ने जो रणनीति बनाई वो काबिले तारीफ थी क्योंकि भाजपा ने घोसी उपचुनाव हराने में कोई कसर छोड़ा इस चुनाव को खराब करने के लिए।
भाजपा के सारी चाल घोसी में नाकाम रही
सपा प्रवक्ता डॉ अज़ीज ने कहा इस चुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने शाम, दान, दंड, भेद सभी तरह का जोर लगा दिया, प्रलोभन दिया गया। भाजपा को जिताने के लिए शासन-प्रशासन तक दुरुपयोग हुआ लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी घोसी की जनता नहीं झुकी। अखिलेश यादव की रणनीति, कार्यशैली सत्ता से लड़ करके ये जो जीत हासिल की है, यकीनन हमारा नेतृत्व बड़े स्तर पर बधाई का पात्र है।
अखिलेश के पीडीए फार्मूला ने क्या किया कमाल?
डॉक्टर अज़ीज़ खान बोले देश में परिवेश में पीडीए (पिछड़, दलित, अल्पसंख्यक) का विशेष महत्व है, भाजपा को पिछले चुनावों में दलितों और पिछड़ों ने बड़े स्तर पर वोट दिया लेकिन उन्हें क्या मिला? पिछड़ों दलितों का भाजपा ने वोट तो ले लिया लेकिन उनको अधिकार नहीं दिया। उन्हें अब समझ आ गया है कि भाजपा पिछड़ों की विरोधी है ये ही कमोवेश दलितों के साथ भी रहा।
"पीडीए" की नफरत 2024 के चुनाव में भाजपा पर भारी पड़ेगी
सपा प्रवक्ता ने कहा भाजपा सरकार में जिस तरह से अल्पसंख्यकों की प्रताड़ना की जा रही है वो जगजाहिर है। आज जो माहौल है उसमें पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों को भाजपा ने छला है और छल रही है। लोगों के बीच बड़े-बड़े वायदे दिखाकर आप बहुत दिन तक सरवाइव नहीं कर सकते ऐसी स्थिति में जब जनता जागरूक हो जाती है तो हमारा 'पीडीए फार्मूला' सक्सेस है। पिछड़ों और दलितों से जो भाजपा की नफरत है वो कहीं ना कहीं से 2024 के चुनाव में भारी पड़ेगा।
कब तक धर्म के नाम पर नफरत फैलाते रहेंगे
अल्पसंख्यकों , दलितों और पिछड़ों को भाजपा ने बड़े स्तर पर ख्वाब दिखाया और लोगों ने साथ दिया लेकिन उन्हें सपनों और वादों के नाम पर ठगा गया। तो कब तक आप धोखा देगो कब तक धर्म की आड़ में अपने नाकामी की छिपाएंगे कब तक धर्म के नाम पर नफरत फैलाते रहेंगे।
काम करने के बजाय भाजपा सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट
सपा प्रवक्ता डॉ अज़ीज़ खान ने कहा कि खुदा ना खास्ता अगर 2024 के चुनाव के बाद अगर सत्ता में आई तो जो जो 1200 सिलेंडर का दाम कर सकता है वो 1200 का 3600 भी कर सकता है और तब 3600 में सिलेंडर लोगों को लेना पड़ेगा। मंहगाई बढ़ी है हर देश की सरकार जनता के हित के लिए काम करती है लेकिन यहां पर काम करने के बजाय सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट किया जाता है।
जी-20 के आयोजन पर हजारों करोड़ के खर्च पर सपा ने उठाए सवाल
डॉ अज़ीज़ खान ने कहा जी-20 का महोत्सव दिल्ली में मनाया जा रहा है, हजारों करोड़ रुपये केवल इस आयोजन पर खर्च किए जा रहे हैं। इन पैसों में सरकार जनता के लिए कुछ और काम करने में खर्च कर सकती थी। इससे पहले जिन देशों ने जी-20 का आयोजन किया उसमें केवल छह सौ, सात सौ करोड़ खर्ज किए और मोदी सरकार ने चार हजार करोड़ से अधिक इस पर खर्च कर दिया।
घोसी में बसपा की गैरमौजूदगी ने सपा को जीत दिलाई?
पत्रकारों ने ये एनालिसिस किया कि बसपा अगर जिस सीट से चुनाव नहीं लड़ती है तो उनके वोट भाजपा की झोली में जाते रहे हैं। दूसरी बात 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में जो बहुजन समाज पार्टी का कोर प्रतिशत वो नाममात्र का ही था। तो बसपा की जो रणनीति और नीति है वो काफी हद तक सत्ताधारी पक्ष से प्रभावित है और जनता उनको भी भाजपा से जोड़ कर देख रही है।
बसपा का कोई जनाधार बचा ही नहीं है
बसपा के अपने वोटर बड़े स्तर पर कट गए हैं और कट रहे हैं। जिन सीटों पर बसपा को पहले 50 से 60 हजार बसपा को वोट मिलते थे उन सीटों पर बसपा दो या तीन हजार वोटों पर सिमट चुकी है तो बसपा का कोई जनाधार बचा ही नहीं है पूरे उत्तर प्रदेश में। बसपा वो ही बोलती है जो भाजपा उससे बुलवाना चाहती है।
उदयानिधि के सनातन पर बयान पर सपा क्या सोचती हैं?
उदयानिधि स्टालिन ने कहा सनातन धर्म का उन्मूलन कर देना चाहिए! इस पर सपा का क्या सोचती है? इस प्रश्न के जवाब में डॉ अज़ीज़ ने कहा सभी धर्म का सम्मान होना चाहिए, सभी धर्म अच्छा होता है। जिस तरह उदयानिधि ने बयान दिया उसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। स्टालिन ने जो कहा उसकी समाजवादी पार्टी कड़ी निंदा करती है किसी की आस्था से खिड़वाड़ नहीं कर सकते। वो भले इंडिया के घटक दल है लेकिन ऐसे बयानों से बचना चाहिए। किसी भी शख्स को किसी के भी धर्म से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं है।
2024 में भाजपा यूपी में ही मात खा जाएगी
डॉ अज़ीज़ ख़ान ने दावा किया कि 2024 में सपा बहुत बड़ा उत्तर प्रदेश में जो ब्लॉस्ट करेंगे उस पर आप विश्वास नहीं कर पाएंगे। लोगों को 2024 का इंतजार है सपा को लोग एकतरफा वोट करेंगे क्योंकि अब समाजवादी पार्टी जनता की पार्टी बन गई है। आगामी चुनाव जनता बनाम सत्ता है। आने वाले चुनाव में भाजपा यूपी में ही मात खा जाएगी और यहीं से उसके आगे के रास्ते ब्लॉक हो जाएंगे।












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