Saheed Sudheer Yadav : शहीद पति की अर्थी पर खत रखकर बोलीं जज पत्नी- 'तुम पर गर्व लेकिन इसे पढ़ना जरूर'
Saheed Sudheer Yadav Judge Wife Letter During Last Rites Hindi News:
'हमें तुम पर गर्व है...
तुम हमेशा अपनी नौकरी और देश सेवा के लिए आगे रहे,
तुम्हारा जोश, तुम्हारी बातें सब काफी अलग थीं,
तुम्हारे बिना हमारी जिंदगी अधूरी
तुम जहां भी हो अपना ख्याल रखना।
हम सब ठीक हैं..
प्लीज चिट्ठी को जरूर पढ़ लेना... '
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जिस किसी ने भी ये बातें सुनीं उसका कलेजा दर्द से कराह उठा और आंखें आंसुओं से छलछला उठीं... यहां बात हो रही है गुजरात के पोरबंदर में रविवार को हुए हेलीकाप्टर हादसे में शहीद होने वाले भारतीय तटरक्षक बल के कोस्टगार्ड पायलट सुधीर यादव की पत्नी आवृत्ति नैथानी की, जिसने अपने पति के पार्थव शरीर पर एक चिठ्ठी रखी, जिसमें उन्होंने उपरोक्त बातें लिखी थीं।
आवृत्ति का मौन कथन हर किसी की आंखों को नम कर गया (Saheed Sudheer Yadav )
सर्द मौसम में आंसुओं की धारा आंखों से रूकने का नाम नहीं ले रही थी, तिरंगे में लिपटे अपने पति के पार्थिव शरीर को एकटक निहारती आवृत्ति का मौन कथन हर किसी की आंखों को नम कर गया।
'बाबू हम अब कैसे रहेंगे तुम्हारे बिना... ' (Saheed Sudheer Yadav )
तो वहीं पास खड़ी मां जब रोते-रोते ये कहते हुए गिर पड़ी कि 'बाबू हम अब कैसे रहेंगे तुम्हारे बिना... ' तो वहां खड़ा हर इंसान खुद को रोने से रोक नहीं पाया। यही नजारा था कानपुर के श्यामनगर का जब कोस्टगार्ड पायलट सुधीर यादव का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा था।
पिता नवाब सिंह यादव खुद सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी, देशभक्ति खून में (Saheed Sudheer Yadav)
आपको बता दें कि सुधीर यादव के खून में देशभक्ति थी, उनके पिता नवाब सिंह यादव खुद सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हैं तो वहीं बड़े पिताजी एयरफोर्स में अधिकारी थे। सुधीर यादव भारतीय तटरक्षक बल में कोस्टगार्ड पायलट थे। गौरतलब है कि पोरबंदर में एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) क्रैश में देश के तीन जवाब शहीद हुए थे, जिसमें से एक सुधीर यादव थे।
आवृत्ति नैथानी पटना में न्यायिक जज के रूप में तैनात हैं (Saheed Sudheer Yadav )
आपको बता दें कि आवृत्ति नैथानी पटना में न्यायिक जज के रूप में तैनात हैं, सुधीर से मात्र 10 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी, वो मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। अब इसे संयोग कहें या कुछ और कि बीते शनिवार को ही वो सुधीर यादव से मिलने पोरबंदर गई थीं और वहां से शाम को पटना के लिए रवाना हुई थीं।
'वो अब कभी भी अपने पति से नहीं मिल पाएंगी...' (Saheed Sudheer Yadav )
जिस वक्त वो वहां से चल रही थीं, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अगले दिन यानी रविवार को ही कालचक्र एक हादसे में सुधीर को अपने आगोश में ले लेगा और वो अब कभी भी अपने पति से नहीं मिल पाएंगी।
कोस्टगार्ड के अधिकारियों से बातचीत करते हुए आवृत्ति ने कहा कि 'सुधीर को देश से अथाह मोहब्बत थी, उसे कोल्डकॉफी काफी पसंद थी, अपनी वर्दी को वो हमेशा चमकाकर रखते थे, जान बसती थी उनकी उसमें, किसी की मजाल नहीं कि उनकी यूनिफार्म को कोई हाथ भी लगा ले।'
'सुधीर की याद में गांव में गेट या स्मारक बनवा दीजिए' (Saheed Sudheer Yadav )
मालूम हो कि सुधीर यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला भी पहुंची थीं, उन्होंने आवृत्ति को गले लगाकर हौसला दिया। तो वहीं सुधीर के परिजनों ने मंत्री से प्रार्थना कि 'सुधीर की याद में गांव में गेट या कोई स्मारक बनना चाहिए।'
'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ हुआ अंतिम संस्कार (Saheed Sudheer Yadav )
करीब तीन घंटे पार्थिव शरीर को आवास में रखने के बाद सुधीर का बिठूर में अंतिम संस्कार 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ किया गया और इस तरह मां भारती का बहादुर पुत्र पंचतत्व में विलीन होकर हमेशा के लिए अमर हो गया और अपने पीछे छोड़ गया त्याग और देशप्रेम की अभूतपूर्व विरासत जिस पर पूरे देश को अभिमान है और आने वाली पीढ़िया उससे शिक्षा लेंगी।












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