Twisha-Deepika के बाद गर्भवती की दर्दनाक मौत-5 साल की शादी में असहनीय दर्द, चाचा ने खोले दामाद के काले चिट्ठे
Saharanpur Pregnant Sahiba Death: मध्य प्रदेश में ट्विशा शर्मा और नोएडा की दीपिका नागर की ससुराल में हुई दर्दनाक मौत को देश भुला भी नहीं पाया। इस बीच, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सुसराल में ही 30 वर्षीय साहिबा की दर्दनाक मौत हो गई। 5 साल की शादी में असहनीय दर्द झेले। 7 माह की गर्भवती ने आखिरकार दम तोड़ दिया।
पीछे दो साल के बेटे को छोड़ गई। मायके वालों ने पति शारिक और ससुराल पक्ष पर लंबे समय से मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और अन्य महिलाओं से संबंध रखने के आरोप लगाए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि मृतका के परिवार ने दामाद पर लगाए अफेयर के गंभीर आरोप...

20 जून 2026 की रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। साहिबा (30) नाम की सात महीने की गर्भवती महिला की अपने ही ससुराल में मौत हो गई। वह अपने पीछे दो साल के बेटे को छोड़ गई। मायके वालों ने पति शारिक और ससुराल पक्ष पर लंबे समय से मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और अन्य महिलाओं से संबंध रखने के आरोप लगाए हैं।
Saharanpur Pregnant Sahiba Death: साहिबा की मौत की वजह क्या?
देहात कोतवाली क्षेत्र की आजाद कॉलोनी में रहने वाली साहिबा की शादी को करीब पांच साल हो चुके थे। 20 जून की रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

परिजनों के मुताबिक, महिला ने जहर खाया। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा किया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एएसपी मनोज यादव ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि चार दिन पहले ही डायल-112 पुलिस को बुलाया गया था। पुलिस समझाइश के बाद महिला को ससुराल छोड़ आई थी। फिर भी घटना टल नहीं सकी।
मायके पक्ष के आरोप: लगातार प्रताड़ना का दावा
साहिबा के चाचा शाहिद अहमद और मां गुलनाज ने खुलकर आरोप लगाए। आइए समझें क्या-क्या?
- शादी के बाद से ही शारिक पत्नी को मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करता था।
- पति अन्य महिलाओं से संबंध रखता था। जब साहिबा ने विरोध किया तो हिंसा बढ़ गई।
- पिछले तीन महीनों से घर में रोज झगड़े होते थे।
- पति साहिबा को घर से बाहर जाने नहीं देता था, धमकियां देता था।
- ससुराल पक्ष पूरी तरह जिम्मेदार है।
मां गुलनाज ने न्याय की पुकार करते हुए कहा कि बेटी की मौत ससुराल वालों की प्रताड़ना का नतीजा है। भाई शाहरुख ने भी लगातार शारीरिक और मानसिक परेशान करने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि गर्भवती महिला को जहर खाने के अलावा कोई रास्ता न सूझा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या कहती है?

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। शव का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। मायके और ससुराल पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल कोई गिरफ्तारी की खबर नहीं है, लेकिन जांच सभी पहलुओं को कवर कर रही है, आत्महत्या, जहर देना या अन्य कोई संदिग्ध स्थिति।
भारतीय दंड संहिता की धाराएं जैसे 498A (घरेलू क्रूरता), 304B (दहेज मौत), 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) आदि लगाई जा सकती हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विष की पुष्टि और मात्रा महत्वपूर्ण होगी।
ट्विशा, दीपिका केस के बाद गर्भवती साहिबा ने रूलाया!
1. ट्विशा शर्मा डेथ केस (भोपाल)
भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया। मृतका के परिवार ने दावा किया कि शादी के बाद से लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव डाला जा रहा था।
मामले ने तब तूल पकड़ा, जब पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह का नाम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और बाद में सीबीआई जांच शुरू हुई। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग की गई और शव का दोबारा परीक्षण कराया गया। 2 जून को जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए भेजा गया है।
2. दीपिका केस
ग्रेटर नोएडा की 24 वर्षीय दीपिका नागर की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि शादी के महज 17 महीने बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई और परिजनों ने इसे दहेज हत्या बताया। पिछले एक महीने में यह मामला यूपी के सबसे चर्चित दहेज उत्पीड़न मामलों में शामिल रहा है। मई के अंत में परिवार ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित दहेज हत्या है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है।
कानूनी प्रावधान और सुरक्षा उपाय क्या?
- भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून हैं:
- - Domestic Violence Act 2005 - सुरक्षा, राहत और मुआवजे का प्रावधान।
- - 498A IPC - क्रूरता के लिए सजा।
- - Protection Officer की नियुक्ति।
- - One Stop Centres (सखी केंद्र) जहां पीड़ित महिलाओं को मदद मिलती है।
फिर भी जमीन पर क्रियान्वयन कमजोर रहता है। कई बार पुलिस 'समझाइश' देकर मामला रफा-दफा कर देती है, जैसा इस मामले में चार दिन पहले हुआ।
घटना के बाद आजाद कॉलोनी में मातम का माहौल है। मायके वाले न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आएगी कि क्या यह शुद्ध आत्महत्या थी या प्रताड़ना से उकसाई गई, या कोई अन्य साजिश। दो साल का मासूम बेटा अब मां के बिना बड़ा होगा। गर्भ में पल रहा बच्चा कभी दुनिया देख नहीं पाया। एक परिवार टूट गया।













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