US Iran MoU: अमेरिका-ईरान समझौते को 'सावधानी भरी उम्मीद' से क्यों देख रहे हैं NSA अजित डोभाल?

Ajit Doval on US Iran MoU: भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते (MoU) का स्वागत किया है। BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में NSA अजित डोभाल ने कहा कि भारत इस समझौते को लेकर 'सावधानी भरी उम्मीद' रखता है।

उनका मानना है कि अगर यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो इससे पश्चिम एशिया में स्थिरता बढ़ेगी, ऊर्जा आपूर्ति बेहतर होगी और वैश्विक व्यापार को भी फायदा मिलेगा। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट के खुले रहने से तेल और गैस की सप्लाई में आने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं।

Ajit Doval on US Iran MoU

BRICS NSA Meeting में अजित डोभाल ने क्यों जताई उम्मीद?

BRICS NSA बैठक में अजित डोभाल ने कहा कि भारत अमेरिका और ईरान के बीच बनी समझ को सकारात्मक नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि यह समझौता सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए अहम साबित हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी पूरी तरह नतीजे सामने आना बाकी हैं, इसलिए भारत "कॉटियस ऑप्टिमिज्म" यानी सावधानी भरी उम्मीद के साथ इस प्रक्रिया को देख रहा है।

ये भी पढे़ं: Trump Vs NATO: 'हम पागलों की तरह लुटाते रहे और वो', नाटो में बिल्कुल अकेले पड़े ट्रंप तो रोया दुखड़ा

होर्मुज स्ट्रेट खुला रहना क्यों है अहम?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले बड़े हिस्से का तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। डोभाल ने कहा कि इस समुद्री मार्ग का खुला रहना बहुत स्वागतयोग्य कदम है। इससे ऊर्जा सप्लाई में रुकावट कम होगी और उन देशों को राहत मिलेगी जो अपनी जरूरतों के लिए आयातित तेल और गैस पर निर्भर हैं।

सप्लाई चेन और इंडस्ट्री को मिलेगा फायदा

NSA डोभाल के मुताबिक, अमेरिका-ईरान समझौते से वैश्विक सप्लाई चेन में मौजूद कई बाधाएं दूर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर, केमिकल्स और अन्य जरूरी इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्रीय तनाव के कारण कई सेक्टर प्रभावित हुए थे। अगर समुद्री व्यापार सामान्य रहता है तो दुनियाभर के बाजारों में सामान की सप्लाई आसान होगी और कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

फ्रीडम ऑफ नेविगेशन से बढ़ेगा कारोबार

डोभाल ने कहा कि समुद्री मार्गों पर फ्रीडम ऑफ नेविगेशन यानी जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होने से क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार को बड़ा फायदा मिलेगा। उनका मानना है कि सुरक्षित समुद्री रास्ते अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत बनाते हैं। इससे न केवल एशियाई देशों बल्कि यूरोप और अन्य क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को भी लाभ होगा। भारत जैसे बड़े व्यापारिक देश के लिए भी यह स्थिति आर्थिक विकास को गति देने वाली साबित हो सकती है।

ये भी पढे़ं: US Iran conflict: ट्रंप की धमकी के बाद बैठक से Iran ने किया वॉकआउट,अमेरिका-ईरान की पहली बैठक बेनतीजा

PM मोदी ने भी किया था समझौते का स्वागत

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिका और ईरान के बीच बनी समझ का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ा और कई देशों को नुकसान झेलना पड़ा। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह समझौता क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद करेगा। साथ ही उन्होंने शेष मुद्दों पर बातचीत जारी रखकर स्थायी समाधान तक पहुंचने की जरूरत पर भी जोर दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+