समोसे सप्लाई करने वाला लड़का कैसे बना ₹8000 करोड़ का सुपरस्टार? शाहिद के पिता ने Shah Rukh Khan का खोला राज
Shahrukh Khan Success Story: जिस शख्स के घर 'मन्नत' के बाहर सिर्फ एक झलक पाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है और सड़कें तक जाम हो जाती हैं, जिसे पूरी दुनिया "किंग खान" और "बॉलीवुड का बादशाह" के नाम से जानती है-क्या आप सोच सकते हैं कि वही शाहरुख खान कभी समोसे सप्लाई करने का काम करते थे? जी हां, यह कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं बल्कि खुद शाहरुख खान की जिंदगी का वो सच है, जिसे सुनकर आज फैंस के होश उड़ गए हैं।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और शाहिद कपूर के पिता पंकज कपूर ने हाल ही में शाहरुख खान के शुरुआती दिनों का एक ऐसा हैरान करने वाला किस्सा सुनाया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है।

समोसे सप्लाई करते थे शाहरुख खान
पंकज कपूर ने थियेटर के दिनों को याद करते हुए बताया कि जब दिल्ली में वे लोग नाटक किया करते थे, तब शाहरुख खान भी उसी ग्रुप का हिस्सा हुआ करते थे। पंकज कपूर के मुताबिक, शाहरुख में तब भी गजब की एनर्जी थी। वो न सिर्फ एक्टिंग में आगे रहते थे, बल्कि बैकस्टेज के कामों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। थियेटर के दौरान जब भी कलाकारों के लिए रिफ्रेशमेंट या समोसे लाने की बात होती थी, तो शाहरुख खान खुद आगे आकर समोसे अरेंज और सप्लाई करने की जिम्मेदारी संभालते थे।
शाहिद कपूर के पिता का यह खुलासा इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, क्योंकि कोई सोच भी नहीं सकता कि आज का सबसे बड़ा ग्लोबल सुपरस्टार कभी इस कदर जमीन से जुड़ा हुआ था।
शाहरुख के पिता चलाते थे कैंटीन
इससे पहले, 2016 में टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में, शाहरुख खान ने बताया था कि उनके पिता NSD में कैंटीन चलाते थ उन्होंने कहा, 'मैं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का हिस्सा नहीं था, लेकिन मैं वहां के कई एक्टर्स के साथ काम करता था। मनोज बाजपेयी भी वहां से नहीं थे, लेकिन उन्होंने और मैंने रघुवीर यादव जैसे एक्टर्स के साथ काम किया जो NSD का हिस्सा थे।
जब हम दिल्ली में थिएटर करते थे, तो वे हमारे बोलने के तरीके और उच्चारण को बेहतर बनाने में मदद करते थे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। मेरे पिता NSD में कैंटीन चलाते थे, इसी वजह से मैं वहाँ के सभी बेहतरीन एक्टर्स को जान पाया।
दिल्ली की गलियों से मन्नत तक: SRK का पूरा सफर
शाहरुख खान की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। बिना किसी गॉडफादर के, दिल्ली का एक आम लड़का कैसे हिंदी सिनेमा का 'भगवान' बन गया।
🟢 फौजी और सर्कस से शुरुआत, शाहरुख ने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी। 'फौजी' (1989) और 'सर्कस' जैसे सीरियल्स में उनकी एक्टिंग को पसंद किया गया, लेकिन उनका असली सपना चांदी का पर्दा था।
🟢 ₹1500 की पहली कमाई, शाहरुख खान ने एक बार खुद बताया था कि उन्हें उनकी पहली कमाई के रूप में सिर्फ 1500 रुपये मिले थे, जिससे वो पंकज उधास के कॉन्सर्ट का टिकट खरीदकर ताजमहल देखने गए थे।
🟢 एंटी-हीरो बनकर चमकी किस्मत, जब बॉलीवुड के बड़े स्टार्स विलेन का रोल करने से डरते थे, तब शाहरुख ने 'बाज़ीगर' और 'डर' जैसी फिल्मों में नेगेटिव रोल करके सबको चौंका दिया। यहीं से उनकी किस्मत बदली।
🟢रोमांस के बेताज बादशाह, 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (DDLJ), 'कुछ कुछ होता है' और 'वीर-जारा' जैसी फिल्मों ने उन्हें दुनिया भर में रोमांस का सबसे बड़ा आइकन बना दिया।
किंग खान कितनी संपत्ति के हैं मालिक
जिस लड़के ने थियेटर में समोसे बांटे और बेहद कम पैसों में काम शुरू किया, आज वो लगभग $1 बिलियन (करीब 8000+ करोड़ रुपये) की नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे अमीर अभिनेताओं की लिस्ट में शामिल हैं। रेड चिलीज एंटरटेनमेंट (Red Chillies) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) जैसी बड़ी कंपनियों के मालिक शाहरुख आज सफलता की उस ऊंचाई पर हैं जहाँ पहुंचना हर आउटसाइडर का सपना होता है।
पंकज कपूर का यह किस्सा साबित करता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और अगर आपके सपनों में दम हो, तो दिल्ली की गलियों से निकलकर दुनिया पर राज करना नामुमकिन नहीं है। 'किंग खान' का यह सच आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ा इंस्पिरेशन है।













Click it and Unblock the Notifications