INDIA vs Bharat: UP के पूर्व CM मुलायम सिंह के इस कदम ने 19 साल बाद बढ़ाई अखिलेश की परेशानी
जी20 की बैठक से पहले देश में President of Bharat के मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है। इस मामले को लेकर अब सरकार और विपक्ष के बीच तीखे हमले हो रहे हैं।
Samajwadi Party: देश में इस समय INDIA vs Bharat का मुद्दा गरमाया हुआ है। एक तरफ जहां विपक्ष इस मामले को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना कर रहा है वहीं दूसरी ओर देश में बने INDIA Alliance के मुख्य सहयोगी समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। दरअसल दिवंगत नेता और पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने 2004 में विधानसभा में INDIA की जगह BHARAT करने की वकालत की थी।

सरकार के इस कदम से विपक्ष में बेचैनी
दरअसल, G20 के आधिकारिक निमंत्रणों में President of India की जगह President of Bharat का इस्तेमाल करने के केंद्र सरकार के फैसले ने विपक्षी दलों को बेचैन कर दिया है। ये दल 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने के लिए INDIA गठबंधन के बैनर तले एकजुट हो रहे हैं। अब तक इस महागठबंधन की तीन बैठकें भी हो चुकी हैं।
2004 में सपा सदन में लायी थी प्रस्ताव
हालांकि, INDIA (Indian National Development of Inclusive Alliance) के प्रमुख साझेदारों में से एक समाजवादी पार्टी ने 19 साल पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा में इसी तरह का एक प्रस्ताव पेश किया था जब केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार थी।
संवैधानिक संशोधन करने की वकालत
उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने राज्य विधान सभा में एक प्रस्ताव पेश किया था जिसमें एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से "इंडिया दैट इज़ भारत" की जगह "भारत दैट इज़ इंडिया" करने का आग्रह किया गया था।
विधानसभा में मुलायम ने दिया था ये बयान
2004 में मुलायम ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते समय कहा था, "मैं 'इंडिया दैट इज भारत' की जगह'भारत दैट इज इंडिया'करने का प्रस्ताव करता हूं। मैं संसदीय कार्य मंत्री (तत्कालीन मोहम्मद आजम खान) से इस आशय का एक प्रस्ताव पेश करने को कहूंगा। विधानसभा को इस प्रस्ताव को पारित करना चाहिए और बाद में इसे संसद को भेजना चाहिए।"
यादव ने 3 अगस्त 2004 को विधानसभा में दिए अपने भाषण में कहा था कि,
ऐसा करने में बाधा कहां है? माननीय उपाध्यक्ष महोदय मैं भारतीय संविधान में एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से 'भारत दैट इज इंडिया' को शामिल करने का प्रस्ताव करता हूं। मैं इस प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए आपकी अनुमति का अनुरोध करता हूं। मुझे सर्वसम्मति से समर्थन की उम्मीद है।
विपक्ष के नेता लालजी टंडन कही थी ये बात
हालांकि उस समय के तत्कालीन विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता दिवंगत लालजी टंडन ने यादव से नियमों के अनुसार प्रस्ताव पेश करने का आग्रह किया था। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "नाम वास्तव में 'भारत' होना चाहिए।'' 'इंडिया' शब्द क्यों बरकरार रखा जाए?"
आजम खां ने भी की थी वकालत
विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव में उस समय के तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री मोहम्मद आजम खान ने कहा था कि यह प्रस्ताव सभी राजनीतिक विचारों से परे देश के प्रति गहन प्रेम से प्रेरित होकर खुले दिमाग से पेश किया गया है। यह अफसोस की बात है कि आजादी के 56 साल बाद भी हम उसी नाम को लागू करना जारी रख रहे हैं।
मुलायम के फैसले से परेशानी में सपा
तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव के 2004 के इस प्रस्ताव ने समाजवादी पार्टी को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है क्योंकि देश का नाम बदलने पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है और सपा नेता इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि सपा प्रवक्ता राजीव राय ने कहा कि उन्हें 2004 के फैसले की पूरी जानकारी नहीं है। पार्टी इसकी जगह 2024 की अपनी तैयारियों में जुटी हुई है और हम उसी पर फोकस कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications