प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद समेत 68 लोगों को पुलिस ने पकड़ा, 3 घंटे तक सुलगता रहा था अटाला इलाका
प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद समेत 68 लोगों को पुलिस ने पकड़ा, 3 घंटे तक सुलगता रहा था अटाला इलाका
प्रयागराज, 11 जून: बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद से पूरे देश में बवाल की खबरे सामने आ रही है। तो वहीं, शुक्रवार 10 जून को जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज जिले में भी जमकर बवाल हुआ था। उपद्रवियों ने पुलिस के ऊपर पथराव के साथ ही बमबाजी व आगजनी की। इस हमले में आईजी समेत 18 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। तो वहीं, अब प्रयागराज पुलिस ने हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद अहमद उर्फ पंप को लिया हिरासत में ले लिया है।

एसएसपी प्रयागराज अजय कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जावेद अहमद उर्फ पंप को लिया हिरासत में ले लिया है। वह पूरे हिंसा का मास्टर माइंड बताया जा रहा है। उसके मोबाइल में कई अहम सुबूत मिले। एसएसपी ने बताया कि जावेद की बेटी जेएनयू में पढ़ती है और सीएए एनआरसी प्रदर्शन के दौरान भी इस लड़की ने भाषण दिया था। इसकी भी जांच चल रही है। आगर जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली पुलिस से संपर्क कर अपनी एक टीम दिल्ली भेजेंगे। इतना ही नहीं, जावेद के अलावा कई और मास्टर माइंड हो सकते हैं, उनके बारे में पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी ने आगे बताया कि शुक्रवार को हुई इस हिंसक घटना में असामाजिक तत्वों ने नाबालिग बच्चों को आगे कर पुलिस व प्रशासन पर पथराव करवाया था। 29 धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 70 अभियुक्त और 5000 से ज्यादा अज्ञात को नामजद हैं। इनकी पहचान वीडियो के आधार पर की जा रही है। अब तक 68 लोग हिरासत में लिए गए हैं। इनपर गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, पुलिस को ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के कुछ नेताओं पर भी शक है। उनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है।
एसएसपी का कहना है कि हिंसा में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई होगी। बता दें कि शुक्रवार 10 जून को जुमे की नमाज के बाद अटाला में जुटी हजारों की भीड़ ने जमकर उपद्रव किया। पुलिस पर पथराव के साथ ही बमबाजी व आगजनी की। पुलिस प्रशासन की दर्जनों गाड़ियों में तोड़फोड़ की, पीएसी की गाड़ी समेत आठ वाहन फूंक दिए। हमले में आईजी समेत 18 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। पुलिस व आरएएफ ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया, तब जाकर तीन घंटे बाद बवाल शांत हुआ।
इस दौरान खुल्दाबाद का अटाला इलाका तीन घंटे तक सुलगता रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान पूरा अटाला इलाका उपद्रवियों के कब्जे में रहा। उपद्रवियों ने बच्चों को आगे कर उनसे पुलिस पर पथराव कराया था। उपद्रवियों ने गलियों और छतों से छिपकर पत्थर बरसाये थे। ऐसा बताया जा रहा है कि उपद्रवियों ने भीड़ में फंसे पुलिसकर्मियों को घेरकर भी हमला किया था।
एडीजी कानपुर-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि शुक्रवार को पूरे प्रदेश में जो हिंसक घटना हुई है उसमें अभी तक 230 व्यक्तियों की गिरफ़्तारी की जा चुकी है। स्थिति अभी नियंत्रण में है। दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी तथा उनकी संपत्ति को भी जब्त करने की कार्रवाई होगी। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को जो क्षति हुई है उसकी वसूली भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications