स्वामी प्रसाद मौर्य खेमे में अखिलेश से नाराजगी, भतीजे प्रमोद मौर्य ने दिया सपा से इस्तीफा
लखनऊ, 21 अप्रैल: विधानसभा चुनाव में सपा की हार के बाद पार्टी के अंदर बगावत की आग फैलती जा रही है। अखिलेश यादव के चाचा व प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव और आजम खान की बागवत के अब स्वामी प्रसाद मौर्य का खेमा भी अखिलेश को झटका देने की तैयारी में है। हाल ही में स्वामी प्रसाद मौर्य के भतीजे प्रमोद मौर्य ने भी सपा से इस्तीफा दे दिया है।

प्रमोद मौर्य सपा के प्रदेश सचिव के पद पर थे। हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, प्रमोद मौर्य ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजे इस्तीफे में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सपा में मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी, समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है। प्रमोद मौर्य के इस्तीफा देने के बाद अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या देर सबेर स्वामी प्रसाद मौर्य भी सपा छोड़ सकते हैं?
2018 में ज्वाइन की थी सपा
प्रमोद मौर्य, प्रतापगढ़ के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके है। उन्होंने फरवरी 2018 में भाजपा का दामन छोड़कर सपा ज्वाइन की थी। सपा में शामिल होने के बाद प्रमोद मौर्य ने स्वामी प्रसाद मौर्य के भी सपा में शामिल होने का दावा किया था। प्रमोद का दावा सच होने में समय जरूर लगा, लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़ सपा में शामिल हो गए थे।
प्रमोद मौर्य ने लगाए ये आरोप
अपने इस्तीफे में प्रमोद मौर्य ने कहा है, 'जब मैं सपा में शामिल हो रहा था तो कुछ लोगों ने कहा था कि सपा केवल एक जाति विशेष के लोगों की पार्टी है, लेकिन फिर भी मैंने आपसे प्रभावित होकर सपा की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में काम करते हुए हमने यह महसूस किया है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी केवल अपनी जाति को बड़ी जाति मानते हैं। पार्टी की बैठकों में अक्सर मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी, पटेल व अन्य पिछड़ी जातियों को छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं। सपा में 75 जिलों में एक भी जिलाध्यक्ष मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज का नहीं है।'
इस्तीफे में स्वामी प्रसाद मौर्य का भी जिक्र
प्रमोद ने इस्तीफे में स्वामी प्रसाद मौर्य का भी जिक्र किया है और लिखा है कि जब वह सपा में शामिल हुए तो लगा था कि अब मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज को सपा में महत्व मिलेगा। जहां-जहां स्वाम प्रसाद मौर्य ने समाज के लोगों को टिकट देने की बात कही थी आपने उसको माना था, लेकिन टिकट फाइनल करते समय आपने इसलिए टिकट काट दिया कि अगर ये लोग जीत गए तो मौर्य कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज का पार्टी में मजबूत हैसियत हो जाएगा। प्रमोद ने कहा है कि सपा से अधिक भाजपा से इन समाज के लोग जीतकर आए हैं।












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