Pawan Khera PM Modi: बुरी फंसी कांग्रेस! पिता को अडाणी से लिंक करने वाले खेड़ा के खिलाफ FIR, BJP आक्रोशित
कांग्रेस के बड़बोले नेता पार्टी की किरकिरी कराने में कोई कसर नहीं छोड़ते। पवन खेड़ा सबसे ताजा एग्जाम्पल हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर हमला करने के लिए उनके पिता को अडाणी

Pawan Khera PM Modi पर दिए बयान के कारण सुर्खियों में हैं। बुरी तरह फंसती दिख रही कांग्रेस को बीजेपी के तीखे हमलों का सामना करना पड़ रहा है। खुद गृह मंत्री शाह ने भी 'कांग्रेस के गायब' होने का अनुमान लगा दिया। दरअसल, खेड़ा पीएम मोदी के पिता को अडाणी से लिंक करने के कारण विवादों में घिर गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खेड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
लखनऊ के थाने में FIR
BJP नेता-कार्यकर्ता काफी आक्रोशित हैं। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद सदस्य (MLC) मुकेश शर्मा ने खेड़ा के खिलाफ हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा, पिता का नाम अडानी के पिता के साथ जोड़कर खेड़ा ने मजाक उड़ाया और उनका अपमान किया। यह एक दंडनीय अपराध भी है।
क्या कांग्रेस ने राजनीति का स्तर गिराया?
एमएलसी मुकेश शर्मा के अलावा बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी खेड़ा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीति का स्तर काफी नीचे गिरा दिया है। मालवीय ने कहा, "कांग्रेस ने पीएम के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करके राजनीति के स्तर को और नीचे गिरा दिया है।"

मालवीय ने कहा, "कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में जिस तरह की टिप्पणी की है, वह बेहद निंदनीय है।" उन्होंने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमला किया है। कांग्रेस लगातार उनकी जाति, पारिवारिक स्थिति और पृष्ठभूमि पर हमला करती रही है, उनके पिता का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन आज जिस तरह से उनका नाम घसीटा जा रहा है, यह निंदनीय है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का कारण यह है कि वह एक साधारण परिवार से आते हैं और आज शीर्ष पर बैठे हैं, जो कांग्रेस को हजम नहीं हो रहा है, इसलिए उन पर इस तरह के हमले लगातार किए जा रहे हैं। मालवीय ने नसीहत दी कि कांग्रेस को इस तरह की राजनीति और बयानों से बचना चाहिए।" "उन्होंने कहा।
बता दें कि कांग्रेस हिंडनबर्ग-अडाणी विवाद को लेकर रोजाना सरकार पर हमला कर रही है। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल हिंडनबर्ग-अडाणी विवाद की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने का दबाव बना रहे हैं। पार्टी ने सरकार पर "मांग से भागने" का आरोप लगाया है। हालांकि, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हिंडनबर्ग-अडाणी विवाद में भाजपा के पास "छिपाने या डरने के लिए" कुछ भी नहीं है।
क्या है हिंडनबर्ग अडाणी प्रकरण
अमेरिका-आधारित शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को अपनी रिपोर्ट में, अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों के बारे में चिंता जताई। उच्च मूल्यांकन, "बेशर्म स्टॉक हेरफेर" और "लेखांकन धोखाधड़ी" जैसे आरोपों के बाद अडाणी की कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट हो रही है। पलटवार करते हुए अडाणी की कंनी ने कहा था न्यूयॉर्क की हिंडनबर्ग रिपोर्ट "झूठ के अलावा कुछ नहीं।" 29 जनवरी को 413 पन्नों की लंबी रिपोर्ट में कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च की हालिया रिपोर्ट किसी विशिष्ट कंपनी पर नहीं है, बल्कि भारत, इसकी विकास की कहानी और महत्वाकांक्षाओं पर "सुनियोजित हमला" है।












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