रुद्राक्ष सुसाइड केस: मोदी स्कूल पर पहले भी लग चुके हैं बच्चों से बुरे बर्ताव के आरोप
रायबरेली। बीते दिनों रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के दयावती मोदी पब्लिक स्कूल गंगागंज के छात्र ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। छात्र के पिता का आरोप है कि स्कूल की शिक्षिका की पिटाई से भयभीत हुए उसके पुत्र ने आत्महत्या की है। जिसके बाद से छात्र को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम चल रही है। हालांकि पुलिस ने सुसाइड नोट का आधार बनाकर इस बात को माना और आरोपी शिक्षिका के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस ने शिक्षिका पर छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज किया है। लेकिन परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। सोमवार को स्कूल खुलने पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज जांच पड़ताल करने गई है। बता दें कि स्कूल में पहले भी ऐसे कई केस आ चुके हैं।

पुलिस इस मामले में विवेचना कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोदी स्कूल में यह पहला मामला नहीं है बल्कि यहां पर बच्चों को प्रताड़ित करने के ऐसे ही कई मामले पहले भी आ चुके हैं। परिवार वाले इस मामले में पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई ना करने का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले में स्कूल प्रबंधन को आरोपी नहीं बनाया है। जबकि बच्चे की मौत को लेकर स्कूल प्रशासन की भी गम्भीर लापरवाही सामने आई है।
अन्य बच्चों के परिजनों ने बताई अत्याचार की कहानी
शिक्षिका द्वारा प्रताड़ित किये जाने पर छात्र द्वारा आत्महत्या करने के मामले में परिवार तो परेशान है साथ ही अपने बच्चों को इस स्कूल में पढ़ा रहे अन्य परिजन भी खासा परेशान हैं। परिजनों का आरोप है कि मोदी स्कूल में पहले भी कई बार उनके बच्चों के साथ बुरा बर्ताव किया गया है। बच्चों को ना मारने के अदालत के फैसले के बावजूद यहां बच्चों को बेरहमी से पीटा जाता है साथ ही मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जाता है। नाम ना बताने की शर्त पर एक अभिभावक ने जो बताया वो काफी परेशान करने वाला था। उनहोंने बताया कि उनके बच्चे को टॉयलेट जाने से रोका गया और जिद करने पर डांट डपटकर बैठा दिया गया। कई बार जब स्कूल की आया बच्चों को शौचालय ले जाती है तो छोटे-छोटे बच्चों से खुद से सबकुछ (टॉयलेट जाने और खुद साफ करने) करने का दबाव बनाती है, जबकि ये जिम्मेदारी पूरी तरह से आया की है। बच्चों के मना करने पर उन्हें डांटा जाता है और यहां तक कि उनकी पिटाई भी की जाती है। इसी स्कूल में कुछ दिन पहले एक शिक्षिका ने एक बच्चे का सिर दीवार पर दे मारा था जिसे लेकर परिजनों ने पुलिस में शिकायत भी की थी।

रुद्रांश सुसाइड केस
हरचंदपुर कस्बा के रघुवीरगंज बाजार निवासी लेखपाल अमित पाण्डेय का पुत्र रुद्रांश पांडे उर्फ सोमेश 11 वर्ष दयावती मोदी पब्लिक स्कूल गंगागंज में कक्षा 6 का छात्र था। रुद्रांश पांडे ने बीती 15 अक्टूबर को दिन के करीब साढे तीन बजे हरचंदपुर और कुंदनगंज रेलवे स्टेशन के बीच दतौली रेलवे क्रसिंग के समीप लखनऊ की ओर जा रही ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। .
अमित पांडे का आरोप है कि स्कूल से लौटा रुद्रांश काफी भयभीत और परेशान नजर आ रहा था मां के पूछने पर उसने बताया कि स्कूल की मैडम ममता सिंह ने उसे 16 थप्पड़ मारे हैं और कहा कि कल अपने पापा के साथ ही स्कूल आना उनके सामने भी तुम्हें मार पड़ेगी। पिता को साथ न लाने पर ही स्कूल में पढ़ सकोगे।.
अमित पांडे का आरोप है कि दोपहर के समय विद्यालय से उनके मोबाइल पर फोन करके कहा गया था कि कल से रुद्रांश स्कूल बस में नहीं आएगा। उसे साथ लेकर स्कूल आए। मैडम की प्रताड़ना और दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर ही कोचिंग पढ़ने के बहाने घर से निकले रुद्रांश ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की है। उनकी तहरीर पर थाने में 18 अक्टूबर की रात आरोपी शिक्षिका ममता सिंह के खिलाफ सम्बन्धित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। .
एसओ सचिन कुमार गुप्ता ने बताया कि छुट्टी के बाद आज स्कूल खुलने पर पुलिस सीसी टीवी फुटेज देखने के लिए पुलिस स्कूल गई थी। इस संबंध में कई बच्चों से से भी पूछताछ की गई है। जांच-पड़ताल की जा रही है। दोषी पाए जाने पर शिक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।












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