BJP सांसद के खिलाफ FIR दर्ज कराने पहुंचे विपक्षी नेता, CM योगी को दी थी गाली
मऊ। घोसी लोकसभा सीट के बीजेपी के सांसद हरीनारायण राजभर का सीएम योगी के लेकर अपशब्दों का प्रयोग करने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को इस मामले में सपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं पुलिस थाने पहुंच कर सांसद हरीनारायण राजभर पर एफआईआर दर्ज कराने को लेकर तहरीर दी। बता दें कि कुछ दिन पहले अवैध खनन के सिलसिले में बुलाई गई एक प्रेसवार्ता में सांसद हरीनारायण राजभर ने पुलिस और सीएम योगी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। जब कुछ पत्रकारों ने इस खबर को चला दिया तो गुस्साए सांसद ने उलटे 4 पत्रकारों के खिलाफ ही केस दर्ज करा दिया था जिसके बाद बुधवार को थाने में खूब हंगमा हुआ था। स्थानीय पत्रकारों ने भी इस संबंध में भाजपा सांसद के खिलाफ कोतवाली थाने में तहरीर दी थी।

योगी हमारे भी मुख्यमंत्री
सीएम को गाली देने से पर शुरू हुए मऊ के इस सियासी पारे में समाजवादी पार्टी नेता अरशद जमाल, बसपा नेता तैयब पालकी और कांग्रेस नेता अश्वनी सिंह ने मऊ कोतवाली में बारी बारी से हरिनारायण पर मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। इन नेताओं का कहना था कि भले ही हम दूसरी पार्टियों से हो लेकिन देश का प्रधानमंत्री और प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी पार्टी का नहीं होता। ऐसे में ये हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि जो भी इन लोगों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करे उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रयास करना चाहिए। इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए हमने भाजपा सांसद के खिलाफ अपनी तहरीर दी है।

पत्रकारों का धरना
वहीं इस मामले में मुकदमा नही दर्ज होने पर जिले के स्थानीय पत्रकारों के समूह ने सड़कों पर सांसद के खिलाफ मार्च निकालते हुए मऊ कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गये है। प्रदर्शन करने वाले पत्रकारों का आरोप है कि जिले के उच्च अधिकारियो के निर्देश पर जांच करने की बात कह कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। स्थानीय पत्रकार इससे आक्रोशित हैं। इस मामले मे वो कोई भी समझौता करने को राजी नहीं है। पत्रकारों का कहना है कि जब तक मामले में सासंद के खिलाफ में एफआईआर दर्ज नही होता है और एफआईआर की कापी पत्रकारों को नही मिलता है तब तक धरना जारी रहेगा।












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