OPINION: योगी सरकार की अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से बदला यूपी, हजारों करोड़ की संपत्ति जब्त
OPINION: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों के कार्यकाल में अक्सर सवाल खड़े होते थे। एक बड़ी वजह थी जिसकी वजह से प्रदेश में व्यापारियों को काफी दिक्कत होती थी, उद्योगपति यहां निवेश से डरते थे।
लेकिन जिस तरह से पिछले 6 साल के भीतर प्रदेश की कानून व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का काम योगी आदित्यनाथ सरकार ने किया है उससे ना सिर्फ प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है, बल्कि निवेश बढ़ रहा है। प्रदेश में विकास तेज गति से हो रहा है, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

योगी सरकार सत्ता में आने के बाद से ही कानून व्यवस्था को सर्वोपरि रखती आई है। खुद योगी आदित्यनाथ को बुल्डोजर बाबा के नाम से भी जाना जाता है। माफिया, गुंडों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते प्रदेश में अपराधियों की रूह कांपती है।
अपराधियों के घर पर बुल्डोजर चलाने की बात हो या फिर उपद्रवियों से हर्जाना वसूलने की बात हो, योगी सरकार कानून का उल्लंघन करने वालों के साथ किसी भी तरह की कोई रियायत नहीं बरतती है।
प्रदेश में योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को आज नया उत्तर प्रदेश के तौर पर जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सुरक्षित गंतव्य के तौर पर उभरा है। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था की वजह से अपराधियों को लगाम लगी है।
अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार किस तरह का रुख अख्तियार करती है उसकी तस्दीक इस बात से होती है कि प्रदेश सरकार ने 63 हजार से अधिक अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। जबकि 836 अपराधियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है। गैंगस्ट एक्ट के तहत अपराधियों की 9136 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है।
योगी सरकार अपराधियों पर लगाम, भयमुक्त समाज के सिद्धांत पर चल रही है। यही वजह है कि अपराधियों और गुंडों के हौसले पूरी तरह से पस्त हो गए हैं। प्रदेश में अपराधियों द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई 2827 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। साफ है कि योगी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की रियायत करने के मूड में नहीं है।












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