OI Exclusive: शुभांशु शुक्ला ने लव की या अरेंज मैरिज? बहन ने खोले Axiom-4 एस्ट्रोनॉट की लाइफ के दिलचस्प राज
Astronaut Shubhanshu Shukla Love Story Hindi: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अब केवल एक फाइटर पायलट नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में भारत की अगली छलांग के प्रतिनिधि हैं। अमेरिकी एजेंसी Axiom Space के चौथे मिशन Axiom-4 में वह मुख्य पायलट की भूमिका निभाएंगे।
भारत के इस स्पेस-प्राइवेट पायलट शुभांशु शुक्ला की प्रोफेशनल जर्नी जितनी दमदार है, उनकी पर्सनल लाइफ भी उतनी ही दिलचस्प है। क्या उन्होंने लव मैरिज की? कौन हैं उनकी पत्नी? इन सारे सवालों का जवाब उनकी बहन ने Oneindia Hindi को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में दिया है। आइए जानते हैं क्या कुछ कहा?

कोई फिल्मी लव स्टोरी नहीं, पूरी तरह से अरेंज्ड मैरिज
शुभांशु शुक्ला की बहन सुचि शुक्ला बताती हैं कि भाई की शादी करीब 7 साल पहले लखनऊ की ही कामना से हुई थी। ये शादी पूरी तरह से अरेंज्ड थी, और किसी फिल्मी लव स्टोरी जैसी कोई बैकग्राउंड नहीं रही। भाई शुभांशु हमेशा पढ़ाई और काम में इतने फोकस्ड रहे कि प्रेम कहानी के लिए समय ही नहीं निकला।
पत्नी - डॉक्टर, लेकिन परिवार की पायलट!
कामना शुक्ला पेशे से डेंटिस्ट हैं, लेकिन पति की लगातार ट्रांसफर वाली जिंदगी के चलते प्रैक्टिस से दूरी बनानी पड़ी। फिलहाल, वह Axiom मिशन के लॉन्च से पहले क्वारंटाइन में चल रहे शुभांशु के साथ अमेरिका के फ्लोरिडा में हैं। शुभांशु की बहन सुचि बताती हैं कि भाभी हमेशा से उनके लिए सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम रही हैं। फ्लोरिडा में होने का मतलब है कि उन्होंने अपने बेटे और परिवार को पीछे छोड़कर इस मिशन के लिए ताकत दी है। शुभांशु का एक 6 साल का बेटा भी है, जो पिता के अंतरिक्ष मिशन की सफलता के लिए प्रार्थना कर रहा है। ये पूरा परिवार इस ऐतिहासिक मिशन का गवाह बनने को तैयार है।
'पवनपुत्र' नहीं, भारत के 'स्पेसपुत्र' हैं शुभांशु!
प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत का यह बेटा अब उस मंजिल पर है, जहां पहुंचना करोड़ों युवाओं का सपना होता है। बहन सुचि बताती हैं कि भाई का मानना था - 'औसत काम का कोई मतलब नहीं, एक्सीलेंस दिखाओ, दुनिया खुद पहचान लेगी। भारत के लिए यह एक सॉफ्ट लॉन्च नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में आत्मनिर्भर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक है!
कौन हैं शुभांशु शुक्ला?
- जन्म: 10 अक्टूबर 1985, लखनऊ
- एयरफोर्स जॉइन: जून 2006 (फाइटर पायलट)
- रैंक: मार्च 2024 में बने ग्रुप कैप्टन
- 2000+ उड़ान घंटे, जिनमें शामिल हैं Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29 जैसे फाइटर जेट्स
- 2019 में रूस के यूरी गागरिन ट्रेनिंग सेंटर से एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग












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