मोदी के नए कार्यक्रम 'इंद्रधनुष' में हुई लापरवाही तो डीएम की फटकार से अधिकारी की मौत

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इलाहाबाद। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में रविवार को बड़ा हादसा हुआ। शहर में आयोजित इंद्रधनुष कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान अधिकारियों की डांट-फटकार से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अशोक कुमार चौरसिया को हार्ट अटैक आ गया। उन्हें इलाज के लिए इलाहाबाद ले आ गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद साथी डॉक्टरों और परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। डॉक्टरों ने सोमवार को प्रतापगढ़ में ओपीडी सेवाएं बंद करने का एलान कर दिया है। परिजनों ने मौत का कारण सार्वजनिक तौर पर सीएमओ और डीएम की फटकार को बताया है। डाक्टरों ने शासन से दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। कार्यवाई ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वहीं एसीएमओ की खराब हालत के बीच ही इंद्रधनुष कार्यक्रम का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने किया। इससे डाक्टरों का रोष चरम पर रहा। मृतक चौरसिया का शव उनके घर झूंसी इलाहाबाद ले जाया गया है। पत्नी पूनम, बेटी जीनस और 10 साल के बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।

15 दिन पहले हुआ था ट्रांसफर

15 दिन पहले हुआ था ट्रांसफर

परिजनों के मुताबिक डॉ. अशोक को 15 दिन पहले ही इलाहाबाद से प्रतापगढ़ जिला प्रतिरक्षक अधिकारी के पद पर ट्रांसफर किया गया था। रविवार को प्रतापगढ़ में जिला महिला चिकित्सालय में इंद्रधनुष कार्यक्रम का उद्घाटन होना था। जिसकी तैयारी में वो जुटे थे। जिला प्रांतीय चिकित्सा संघ के पदाधिकारों डॉ. मनोज कनौजिया और सुनील यादव ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सीएमओ डॉ. राजकुमार नैय्यर ने डॉ. अशोक को जमकर डांटा और उसके बाद डीएम शम्भू कुमार भी अशोक पर बरस पड़े। दोनों अधिकारियों ने सबके सामने ही जमकर अशोक की बेइज्जती कर दी। जिससे वो ड‍िप्रेशन में आ गए और उनकी तबीयत खराब हो गई। अशोक को इलाज के लिए इलाहाबाद लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

क्या हुआ था?

क्या हुआ था?

घटना से गुस्साए डॉक्टरों नें प्रतापगढ़ में आपातकालीन सेवाएं जारी रखते हुए ओपीडी सेवाएं बंद करने का एलान किया है। डॉ. अशोक के साथी डाक्टरों ने बताया कि सीएमओ ने इंद्रधनुष मिशन के बारे में जानकारी मांगने के लिए अशोक को बुलाया था। अशोक कार्यक्रम की आधी अधूरी जानकारी दे सके। मिशन का माइक्रो प्लान डाटा ना दे पाने पर डीएम और सीएमओ ने कार्य में सुधार की चेतावनी देते हुए फटकार लगाई थी। इसके बाद ही उनकी तबियत खराब होने लगी थी।

जारी हुई संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति

जारी हुई संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति

घटना के बाबत रविवार को ही डीएम और सीएमओ प्रतापगढ़ ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। लेकिन आश्चर्यजनक तौर पर उसपर 9 अक्टूबर की डेट दर्ज है। फिलहाल विज्ञप्ति में डॉ. अशोक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। साथ ही उनके कार्यक्रम में उपस्थित रहने और शाम को तबियत बिगड़ने के साथ डायबिटिक होने की सफाई भी दी गई। ये संयुक्त विज्ञप्ति भी चर्चा का विषय रही।

क्या कह रहे अधिकारी?

क्या कह रहे अधिकारी?

मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि घटना की बाबत जानकारी जुटाई जा रही है। अभी कुछ कहना ठीक नहीं। डीएम शम्भु कुमार ने बताया कि डॉ. अशोक इंद्रधनुष मिशन के नोडल अधिकारी थे। मीटिंग में उनसे इसपर चर्चा हुई थी। डांट-फटकार जैसा कुछ नहीं हुआ। वो पहले से डायबिटिक थे, उनके हार्ट अटैक की मीटिंग में हुई चर्चा से कोई संबंध नहीं है। प्रतापगढ़ जिला अस्पताल के जनसूचना अधिकारी आरके चौधरी ने बताया कि डीएम के फटकार लगाने की सूचना आई थी पर अभी सब स्पष्ट नहीं है। एसएसपी इलाहाबाद आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम कराना चाहती थी, लेकिन परिजन तैयार नहीं हुए और शव लेकर घर चले गए। कोई लिखित शिकायत नहीं आई है।

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English summary
Office dead after scold by DM for Modi in Allahabad

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